मध्य प्रदेश में सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल का भंडाफोड़: 1000 सेक्स क्लिप और चैट में शक्तिशाली राजनेता, सिविल अधिकारी और पत्रकार शामिल

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मध्य प्रदेश में सबसे बड़े सेक्स स्कैंडल का भंडाफोड़ हुआ है, जिसकी चर्चा हर जगह हो रही हैं। कहा जा रहा है कि यह देश का सबसे बड़ा ब्लैकमेलिंग सेक्स स्कैंडल हो सकता है। ब्लैकमेल करके जबरन वसूली रैकेट चलाने वाले आरोपियों से जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइल फोन में अब तक लगभग 1000 फाइलें मिलीं हैं, जिनमें कई शीर्ष नेताओं, अधिकारियों, व्‍यापारियों, सिविल अधिकारी और पत्रकार के सेक्स चैट के स्क्रीनशॉट, आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो और ऑडियो क्लिप सामने आए हैं।

मध्य प्रदेश
Shwetha Jain and Barkha Soni

कई लोगों का मानना ​​है कि यह सेक्स स्कैंडल व्यापम घोटाले से भी बड़ा हो सकता है, जिसने कई साल पहले शिवराज सिंह चौहान की सरकार को हिलाकर रख दिया था। इस सेक्स स्कैंडल का भंडाफोड़ पिछले हफ्ते सामने आया था जब मध्य प्रदेश पुलिस ने इंदौर में तैनात एक इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर दो महिलाओं और एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। शिकायत के अनुसार, मोनिका यादव नामक एक महिला ने उसके साथ यौन संबंध बनाते हुए उसका वीडियो बनाया था और उसका मुंह बंद रखने के लिए 3 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की थी। मध्‍य प्रदेश पुलिस ने इस मामले में गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस केस के जांचकर्ताओं को संदेह है कि आपत्तिजनक सामग्री के जरिए ‘शिकार’ को ब्लैकमेल करने के लिए संगठित तरीके से काम करने वाले हनी ट्रैप गिरोह ने राजनेताओं और नौकरशाहों समेत कई रसूखदारों को भी जाल में फंसाया था। पुलिस ने इस गिरोह के छह आरोपियों श्वेता विजय जैन, आरती दयाल, मोनिका यादव, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी और इनके चालक ओमप्रकाश कोरी गिरफ्तार किया है।

यह पूरा रैकेट एक वीआईपी तरीके से चलाया जा रहा था। इस सेक्स स्कैंडल में उच्च श्रेणी के सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को फंसाने के लिए 40 कॉलेज गर्ल्स भी शामिल हैं। श्वेता जैन ने मध्यम वर्गीय परिवारों की कॉलेज जाने वाली लगभग दो दर्जन लड़कियों को नौकरी दिलाने के वादे के साथ मप्र सरकार के उच्च और शक्तिशाली लोगों को बहकाने के लिए मजबूर किया है। इस रैकेट का शिकार होने वालों में मध्य प्रदेश के एक दर्जन शीर्ष नौकरशाह और आठ पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। उनकी जांच एक विशेष जांच दल द्वारा की जा रही है।

बहुचर्चित हनीट्रैप मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) में शामिल एक अधिकारी ने शुक्रवार को संकेत दिया कि इस संबंध में मिले कुछ अहम सुरागों के आधार पर पांचों महिला आरोपियों को जल्द ही आमने-सामने बैठाकर उनसे पूछताछ की जायेगी। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी की सदस्य और इंदौर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रुचिवर्धन मिश्र ने संवाददाताओं को बताया, “हमें मामले की जांच में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु मिले हैं। उनके आधार पर पांचों महिला आरोपियों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाने की कोशिश करेंगे। जरूरत पड़ने पर आरोपियों का आमना-सामना भी कराया जायेगा, ताकि इन बिंदुओं की वास्तविकता को परखी जा सके।”

सेक्स स्कैंडल में पत्रकारों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। इंडिया टुडे ने एक स्थानीय पत्रकार के हवाले से कहा, “वास्तव में यह तथाकथित पत्रकारों का एक छोटा समूह है, जो भ्रष्ट आचरण में लिप्त नौकरशाहों या राजनेताओं से पैसे निकालने के एकमात्र उद्देश्य के साथ सत्ता के गलियारों में कदम रखते हैं। हालाँकि, अब तक, SIT ने किसी (पत्रकार) का नाम नहीं लिया है। मैं केवल यह कह सकता हूं कि श्वेता और आरती ने नौकरशाहों या पत्रकारों के साथ बातचीत करने में कुछ पत्रकारों का इस्तेमाल किया।”

वहीं, दूसरी और इस मामले को लेकर राज्य में राजनीति भी जमकर हो रही है। सत्ताधारी कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एक-दूसरे पर सेक्स रैकेट में शामिल होने का आरोप लगाया है।

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