मध्य प्रदेश: शिवराज सरकार ने कंप्यूटर बाबा समेत 5 संतों को दिया राज्यमंत्री का दर्जा

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मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने कम्प्यूटर बाबा और भय्यूजी महाराज समेत पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया है। शिवराज सरकार ने मंगलवार (3 अप्रैल) को आधिकारिक तौर पर ‘आदेश पत्र’ जारी कर इस बात की पुष्टि की है। कहा जा रहा है कि इस फैसले के जरिए शिवराज सरकार अब धार्मिक और समाज के संतों के माध्यम से राजनीतिक माहौल बनाने में लग गई है।

File Photo: India Express

साथ ही पिछले कुछ समय से सरकार से नाराज चल रहे साधु-संतों को लुभाने के लिए इन पांच विशिष्ट संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है। इसी क्रम में उसने नर्मदा नदी के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए एक विशेष समिति बनाई है। इसमें पांच संत सदस्य है और सभी को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है। इनमें नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कम्प्यूटर बाबा, भय्यू महाराज एवं पंडित योगेंद्र महंत शामिल हैं।सरकार द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सरकार द्वारा मंगलवार को आधिकारिक तौर पर जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राज्य शासन ने प्रदेश के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों विशेष रूप से नर्मदा के किनारे पौधरोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष समिति गठित की है।

इस समिति में बतौर सदस्य नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कम्प्यूटर बाबा, भैय्यू महाराज और पंडित योगेंद्र महंत को शामिल किया गया है। इन सभी को राज्यमंत्री का दर्जा मिलेगा। संभवत: राज्य के गठन के बाद से यह पहला मौका होगा, जब संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जा रहा हो। यह संत सरकार के इस प्रस्ताव को मानते हैं या नहीं, यह आने वाला समय ही बताएगा।

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ’31 मार्च को प्रदेश के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों में विशेषतः नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा स्वच्छता के विषयों पर जन जागरूकता का अभियान निरंतर चलाने के लिए विशेष समिति गठित की गई है। बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा’ निकाली थी और पौधरोपण किया था।

ये संत लोगों को नर्मदा के संरक्षण को लेकर जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें स्वच्छता का संकल्प भी दिलाएंगे। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने इसे स्वांग करार देते हुए कहा कि, ‘ऐसा कर मुख्यमंत्री अपने पापों को धोने का प्रयास कर रहे हैं। यह चुनावी साल में साधु-संतों को लुभाने की सरकार की कोशिश है।’

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