मदरसों को ‘परंपरागत दृष्टिकोण’ को छोड़कर PM मोदी की तस्वीर लगानी चाहिए: CM त्रिवेंद्र सिंह रावत

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उत्तराखंड में मदरसों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने पर विवाद पैदा हो गया है। उत्तराखंड के मदरसों ने राज्य सरकार के उस आदेश को मानने से इनकार कर दिया है, जिसमें सभी शैक्षणिक संस्थानों के परिसर में पीएम मोदी की तस्वीर लगाने को कहा गया था। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के कुछ दिनों बाद ही सूबे की सरकार ने ऐसा आदेश जारी किया था।इस आदेश में कहा गया था कि, ‘सभी शैक्षणिक संस्थान 2022 तक पीएम मोदी के न्यू इंडिया विजन को साकार करने के लिए काम करने की प्रतिज्ञा लें। इसके अलावा अपने परिसर में पीएम मोदी की तस्वीर लगाएं।’ मदरसों की ओर से परिसर में पीएम मोदी की तस्वीर लगाने से इनकार करने को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसे गलत करार दिया है।

मदरसों की ओर से इनकार के बाद रावत ने कहा कि मदरसों की ओर से इस तरह का रवैया दिखाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि, ‘राज्य सरकारों की ओर से अनुदान हासिल करने वाले मदरसों को पीएम मोदी की तस्वीर लगाने के निर्देश का पालन करना चाहिए।’ इस मामले में आगे बोलते हुए सीएम ने कहा कि मदरसे भी दूसरे शिक्षण संस्थानों की तरह ही हैं, ये आदेश सभी पर लागू होता है।

नवभारत टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक सीएम रावत ने कहा कि, ‘आखिर मदरसे भी अन्य शिक्षण संस्थानों की तरह ही हैं, जिन पर यह आदेश लागू होता है। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है, जब उन्हें अपने परंपरागत दृष्टिकोण में बदलाव करना चाहिए।’ बता दें कि प्रदेश के कई सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों ने अपनी धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए सरकार के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है।

NBT के मुताबिक रावत की इस टिप्पणी पर देहरादून स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया मदरसे के फतेह आलिम ने कहा कि, ‘मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी की मदरसों को अपने परंपरागत दृष्टिकोण को छोड़कर अन्य शैक्षणिक संस्थाओं की तरह काम करना चाहिए, उनका निजी विचार हो सकता है। मेरा मानना है कि इस मसले पर बरेली के मौलवियों से चर्चा की जानी चाहिए और उसके बाद ही कोई राय कायम की जा सकती है।’

सरकार द्वारा यह आदेश जारी किए जाने के बाद उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड के डेप्युटी रजिस्ट्रार हाजी अकलाख अहमद ने दो दिन पहले कहा था कि, ‘इस आदेश के मद्देनजर मदरसों के अधिकारियों ने मीटिंग की और धार्मिक कारणों से पीएम मोदी की तस्वीर न लगाने का फैसला लिया।’

उन्होंने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि, ‘तमाम मदरसों के सदस्यों ने मीटिंग में कहा कि इस्लाम में किसी व्यक्ति की तस्वीर को मदरसे में लगाना हराम है। इसलिए पीएम मोदी की तस्वीर को लगाए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।’

 

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