‘लव जेहाद’ मामले की निगरानी करने वाले सेवानिवृत्त न्यायाधीश को दिया जाएगा दो लाख रुपये प्रतिदिन का यात्रा भत्ता

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सुप्रीम कोर्ट ने नैशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से कहा है कि वह केरल के लव जिहाद मामले की जांच करे। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के सेवानिृवत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर.वी. रविंद्रन जांच की निगरानी करेंगे। यह केरल के चर्चित लव जिहाद मामला था, जिसके बारें में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (ANI) को इसकी जांच सौंपी। न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रवींद्रन द्वारा बिल जमा करने की तारीख के दो सप्ताह के भीतर उन्हें भुगतान करेगी।

लव जेहाद

प्रधान न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर की अगुवाई वाली पीठ ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश आर वी रवीन्द्रन की देखरेख में मामले की जांच होगी। पीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी को जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। जनसत्ता की खबर के मुताबिक, न्यायमूर्ति आर वी रवींद्रन को केंद्र सरकार एक लाख रुपये शुल्क अदा करेगी। इसके साथ ही उन्हें बेंगलूरू से बाहर यात्रा करने पर दो लाख रुपये प्रतिदिन दिये जाएंगे।

साथ ही पीठ ने यह भी कहा कि वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी की रिपोर्ट, केरल पुलिस से मिली जानकारी और महिला से बातचीत करने के बाद विचार विमर्श करेगी और फिर कोई निष्कर्ष निकालेगी। सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त को केरल पुलिस को मामले की जांच का ब्यौरा एजेंसी के साथ साझाा करने का निर्देश दिया था।

यह मामला तब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जब केरल निवासी शफीन जहां ने केरल हाई कोर्ट द्वारा अपना विवाह रद्द किए जाने को चुनौती दी। हाई कोर्ट ने पुलिस को ऐसे मामलों की जांच करने के आदेश दिए थे। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह इस मामले की जांच का जिम्मा एक तटस्थ एजेंसी के तौर पर NIA को सौंप रही है जो पूरी तस्वीर सामने लाएगी और यह पता लगाएगी कि क्या यह खास मामला एक छोटी जगह तक ही सीमित है या व्यापक रूप में है।

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