पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में दोषी करार दिए गए गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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पंचकूला की एक विशेष अदालत ने गुरुवार (17 जनवरी) को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम और तीन अन्य को सजा का एलान कर दिया। पत्रकार हत्या मामले में राम रहीम सहित चार दोषियों को सीबीआई की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। हरियाणा के पंचकूला स्थित विशेष अदालत ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सजा सुनाई। गुरमीत राम रहीम सहित चारों दोषियों को रोहतक की सुनारिया जेल में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया।

गुरमीत राम रहीम

गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाए जाने के मद्देनजर हरियाणा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि पंचकूला, सिरसा और हरियाणा के अन्य हिस्सों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बता दें कि सिरसा में डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय है। राज्य सरकार ने मंगलवार को एक याचिका दायर कर कहा था कि डेरा प्रमुख की आवाजाही के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।

अदालत ने पत्रकार की हत्या के मामले में सजा सुनाए जाते समय राम रहीम और तीन अन्य की वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेशी संबंधी हरियाणा सरकार की याचिका बुधवार को स्वीकार कर ली थी। सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने राम रहीम सहित चारों आरोपियों को गत 11 जनवरी को पत्रकार हत्या मामले में दोषी करार दिया था। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवायी के बाद गुरमीत राम रहीम, निर्मल, कुलदीप और कृष्ण लाल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

बलात्कार के मामले में सजा काट रहा है राम रहीम

51 वर्षीय राम रहीम अपनी दो अनुयायियों के बलात्कार के मामले में रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल कारावास की सजा काट रहा है। वहीं, तीन अन्य दोषी कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल अम्बाला जेल में बंद हैं। 2002 के पत्रकार हत्या मामले में विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने 11 जनवरी को राम रहीम और तीन अन्य को दोषी ठहराया था। राम रहीम और तीन अन्य को जब दोषी ठहराया गया था तब भी वे वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पेश हुए थे।

इन धाराओं में ठहराए हैं दोषी

चारों को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया जा चुका है। निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को शस्त्र कानून के तहत भी दोषी ठहराया गया है। धारा 302 के तहत न्यूनतम सजा आजीवन कारावास और अधिकतम सजा मृत्युदंड है। मारे गए पत्रकार के परिवार ने दोषियों को मृत्युदंड दिए जाने की मांग की थी।

छत्रपति के समाचार पत्र ‘पूरा सच’ ने एक पत्र प्रकाशित किया था जिसमें यह बताया गया था कि डेरा मुख्यालय में राम रहीम किस प्रकार महिलाओं का यौन उत्पीड़न कर रहा है। इसके बाद छत्रपति को अक्टूबर 2002 में गोली मार दी गई थी। गंभीर रूप से घायल होने के कारण पत्रकार की बाद में मौत हो गई थी और 2003 में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले को बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया था जिसने जुलाई 2007 में आरोप पत्र दायर किया था।

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