लेह में पत्रकारों को रिश्वत देने के मामले में मुसीबत में BJP, पार्टी नेताओं पर FIR दर्ज करने की तैयारी, असंतुष्ट चुनाव आयुक्त की बेटी IAS अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

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जम्मू-कश्मीर के लेह प्रेस क्लब ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर पत्रकारों को कथित तौर पर रिश्वत के तौर पर पैसा बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि मीडियाकर्मियों को लिफाफे में पैसे रखकर दिए गए। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें बीजेपी के कुछ नेता पत्रकारों को एक लिफाफा देते हुए नजर आ रहे हैं।

इस बीच फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने शुरुआती तौर पर बीजेपी नेताओं द्वारा पत्रकारों को घूस दिए जाने के आरोपों में सच्चाई पाई है। लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के पक्ष में रिपोर्ट करने के लिए बीजेपी नेताओं द्वारा पत्रकारों को लिफाफे में पैसे दिए जाने की शिकायतों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जांच के आदेश देने वाली लेह की जिला चुनाव अधिकारी और उपायुक्त अवनि लवासा ने कहा, ‘हम इस मामले में पुलिस के जरिए मंगलवार को जिला अदालत गए। इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्देश मांगे, लेकिन अदालत ने इस मामले में अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया है।’

अखबार के मुताबिक, अवनि लवासा ने कहा कि यह शिकायतें बीजेपी नेताओं द्वारा आचार संहिता का कथित उल्लंघन ही नहीं बल्कि अपराध भी है। अवनि लवासा 2013 बैच की जम्मू कश्मीर कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। वह मौजूदा चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की बेटी हैं। लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में लद्दाख सीट पर मतदान हुआ था।

अवनी लवासा के मुताबिक, पुलिस को निर्देश दिया गया है कि या तो एफआईआर दर्ज करें या शिकायत। आईएएस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कोर्ट का रूख किया था। हम इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। अभी तक तीन शिकायतें आई हैं। एक हमारी तरफ से, बाकी दो शिकायतें लेह प्रेस क्लब की तरफ से दर्ज कराई गई हैं।

क्या है आरोप?

जम्मू के लेह प्रेस क्लब ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर पत्रकारों को रिश्वत के तौर पर पैसा बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। लेह प्रेस क्लब के मुताबिक, बीजेपी ने क्लब के सदस्यों को ‘पैसों से भरे लिफाफों’ की पेशकश कर रिश्वत देने की कोशिश की। लेह प्रेस क्लब के इस आरोप के बाद घमासान मच गया है। एक तरफ जहां बीजेपी ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि आरोप ‘राजनीति से प्रेरित’ हैं। वहीं, दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी को घेरते हुए चुनाव आयोग और जम्मू-कश्मीर पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।

लेह प्रेस क्लब का पत्र सामने आने के बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने धमकी दी कि यदि प्रेस क्लब सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता तो मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी इस तरह के आरोपों को बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर प्रेस क्लब सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता तो वह उच्च न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर करेगी”। रवींद्र रैना ने कहा कि आरोप ‘निराधार और दुष्प्रचार’ हैं तथा यह ‘राजनीति से प्रेरित कदम’ है।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लेह प्रेस क्लब का पत्र शेयर करते हुए इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा कि चुनाव आयोग और जम्मू-कश्मीर पुलिस को लेह प्रेस क्लब के पत्र का संज्ञान लेना चाहिए।

 

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