आतंक की राह छोड़ सैनिक बने शहीद लांस नायक नजीर अहमद वानी होंगे अशोक चक्र से सम्मानित

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जम्मू-कश्मीर के शोपियां में गत वर्ष नवंबर में आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान में आतंकियों से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सेना के लांस नायक नजीर अहम वानी को शांति काल के सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद लांस नायक वानी को अशोक चक्र से सम्मानित करने की अनुशंसा को मंजूरी दे दी है। बता दें कि शुरू में आतंकी रहे वानी बाद में हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौट आए थे और वह 2004 में सेना में शामिल हुए थे।

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अधिकारियों ने गुरुवार (24 जनवरी) को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आतंवादियों के खिलाफ अभियान के दौरान अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीद नजीर अहमद वानी को अशोक चक्र प्रदान किया जाएगा। बता दें कि अशोक चक्र शांति काल के दौरान प्रदान किया जाने वाला भारत का सर्वोच्च वीरता सम्मान है। अधिकारियों ने बताया कि वानी दक्षिण कश्मीर में कई आतंकवाद रोधी अभियानों में शामिल रहे।

सेना की जम्मू-कश्मीर लाइट इंफेंट्री के लांस नायक वानी ने गत 25 नवंबर 2018 को जम्मू-कश्मीर के एक गांव में हथियारों से लैस छह आतंकवादियों के साथ लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। इससे पहले उन्होंने आमने-सामने की गोलीबारी में दो आतंकवादियों को मार गिराया था। बुरी तरह से घायल होने के बावजूद लांस नायक वानी ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने साथी जवानों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

लांस नायक वानी को उनकी असाधारण वीरता और अदम्य साहस के लिए शांति काल के सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र से पुरस्कृत किया जाएगा। एक समय आतंकी रहे वानी का बाद में मन बदला और वह आतंक की राह छोड़ देश सेवा में जुट गए। वह 2004 में सेना में शामिल हुए थे। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि 38 वर्षीय वानी कुलगाम के अश्मुजी के रहने वाले थे। वानी को आतंकवादियों से लड़ने में अदम्य साहस का परिचय देने के लिए सेना पदक भी दिया गया।

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