लालू यादव ने शेयर की महारैली की तस्वीर, यूजर्स बोले- यहां भी ‘फोटोशॉप’ से घोटाला कर दिया

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भारतीय जनता पार्टी(बीेजेपी) के विरुद्ध विपक्षी एकता का प्रदर्शन करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई दिग्गज नेताओं ने रविवार(27 अगस्त) को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव की महारैली में मंच साझा किया। राजद प्रमुख लालू प्रसाद पहले ही कह चुके हैं कि ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ’ रैली 2019 के लोकसभाचुनाव में बीजेपी नीत राजग के पतन का सूत्रधार होगी।

@laluprasadrjd

हालांकि, इस रैली की एक तस्वीर पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। दरअसल, आरजेडी प्रमुख लालू यादव के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से रैली की एक तस्वीर पोस्ट की गई, लेकिन कई यूजर्स ने इस फोटो पर सवाल उठाए हैं और इसे फर्जी फोटो बताया है। सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि इस तस्वीर को फोटोशॉप के जरिए तैयार किया गया है।

दरअसल, पूर्व सीएम लालू प्रसाद ने अपने ट्विटर अकाउंट से रैली की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि गांधी मैदान के रैली में चेहरा नहीं दिख रहा है। गिन लीजिए, रैली में कितनी भीड़ है।

वहीं, लालू यादव द्वारा रैली की तस्वीर पोस्ट करने के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई ने भी रैली की फोटो शेयर की है और गांधी मैदान में मौजूद भीड़ को दिखाया है। आरजेडी प्रमुख और एएनआई की तस्वीर में काफी अंतर दिखाई दे रहा है।

यूजर्स ने उठाए सवाल

रैली में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

बता दें कि लालू रैली में जदयू के बागी शरद यादव का मंच पर प्रसाद ने गले लगाकर स्वागत किया। वहीं राजद प्रमुख और उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी का अभिवादन किया और उनके बेटे तेजस्वी यादव ने उनका चरण स्पर्श किया।

भाकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी और सचिव डी राजा भी मंच मौजूद थे। झामुमो प्रमुख एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी भी रैली में पहुंचे थे। राकांपा नेता और सांसद तारिक अनवर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।

प्रसाद, उनकी पत्नी, बेटे तेजस्वी एवं तेज प्रताप यादव, बेटी एवं राज्यसभा सदस्य मीसा भारती मंच पर अगली पंक्ति पर बैठे थे तथा अन्य पार्टियों के नेताओं का पहुंचने पर स्वागत कर रहे थे। रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। रघुवंश प्रसाद सिंह, अब्दुल बारी सिद्दिकी, शिवानंद तिवारी समेत शुरुआती वक्ताओं ने महागठबंधन तोड़ने तथा राज्य में भाजपा के साथ मिलकर नयी सरकार बनाने के लिए नीतीश कुमार की आलोचना की।

उन्होंने प्रसाद के बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की प्रशंसा की और उन्हें ‘बिहार का भावी नेता’ बताया। अखिलेश, हेमंत सोरेन, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप मंच पर साथ आए तथा उन्होंने हाथ हिलाकर भीड़ को बड़े राजनीतिक दलों की नयी पीढ़ी के बीच एकता का संकेत दिया।

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