चारा घोटाला: लालू यादव ने कोर्ट में कहा- जेल में बहुत ठंड लगती है, जज बोले- तबला बजाइए

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चारा घोटाले से जुड़े एवं देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मुकदमे में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, आर के राणा, जगदीश शर्मा व तीन पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत 16 दोषियों की सजा पर आज (शुक्रवार) फैसला आ सकता है। गुरुवार (4 जनवरी) को सुनवाई में कोर्ट ने इस फैसले को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया था।

FILE PHOTO: PTI

हालांकि गुरुवार को पेशी के दौरान अदालत में कई ऐसे वाकये सामने आए, जिसमें खूब ठहाके भी लगे। दरअसल, लालू प्रसाद ने जज से शिकायत की कि उनके परिचितों को उनसे जेल में मिलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर न्यायाधीश ने हंसते हुए कहा कि इसीलिए तो आपको अदालत में बुलाते हैं ताकि आप सबसे मिल सकें। जज के इतना बोलते ही अदालत में ठहाके लगने शुरू हो गए।

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक पूछताछ के इसी क्रम में लालू ने जज से कहा कि जेल में बहुत ठंड है। इस पर न्यायाधीश ने कहा, ‘तबला बजाइये।’ लालू ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘जेल में एक किन्नर भी बन्द है, गलती से आ गया है।’ इस पर न्यायाधीश ने भी हल्के अंदाज में कहा, आप हैं तो सब ठीक हो जायेगा।

चारा घोटाले के एक मामले में 23 दिसंबर को दोषी ठहराये जाने के बाद लालू प्रसाद और 15 अन्य अभियुक्तों की गुरुवार को विशेष सीबीआई अदालत में पेशी थी। अदालत ने सजा के बिन्दु पर अभियुक्तों की ओर से बहस सुनी। इसी दौरान विशेष सीबीआई न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने लालू प्रसाद की ओर इशारा कर पूछा कि जेल में कोई दिक्कत तो नहीं?

जवाब में लालू ने कहा, ‘साहब जेल में मेरे परिचितों को मुझसे मिलने नहीं दिया जा रहा है।’ इस पर. न्यायाधीश ने मुस्कराते हुए कहा, ‘इसीलिए तो आपको अदालत में बुलाते हैं, जिससे आप सबसे मिल सकें।’ इसके बाद अदालत ने टिप्पणी की कि अब अदालत में आपकी विडियो कॉंफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की व्यवस्था के बारे में विचार किया जा रहा है। इस पर लालू ने अनुरोध भरे स्वर में कहा, ‘साहब मुझे अदालत में सशरीर बुलाकर अपना फैसला सुनाएं। इस पर अदालत ने कहा, ‘आपकी पेशी अदालत में कैसे कराई जाये इसके बारे में शुक्रवार को ही फैसला करेंगे।

वहीं अदालत ने अदालती फैसले के खिलाफ मीडिया में बयानबाजी के लिए बुधवार को आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, राजद के नेता शिवानंद तिवारी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी को अवमानना नोटिस जारी कर उन्हें 23 जनवरी को अदालत में पेश होने के निर्देश दिये थे। इन मामलों को लालू ने खत्म करने का भी अनुरोध किया।

बता दें कि लालू प्रसाद के खिलाफ चारा घोटाले से जुड़े कुल पांच मामलों में रांची में मुकदमे चल रहे थे, जिनमें चाईबासा कोषागार से 37 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध निकासी के मामले में उन्हें तथा जगन्नाथ मिश्रा को 30 सितंबर, 2013 को दोषी ठहराये जाने के बाद तीन अक्तूबर को क्रमश: पांच वर्ष कैद, 25 लाख रुपये जुर्माने एवं चार वर्ष कैद की सजा सुनायी जा चुकी है। लालू प्रसाद के खिलाफ चारा घोटाले में यह दूसरा ऐसा मामला है जिसमें अब कल सजा सुनाये जाने की संभावना है।

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