“एक और खुद्दार योद्धा की खामोश कुर्बानी मुबारक हो, ‘अंधों का सरदार’ बनना कायराना है”, AAP नेता एचएस फुल्का के इस्तीफे पर कुमार विश्वास का ट्वीट

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राजधानी दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता एच एस फूलका ने गुरुवार (3 जनवरी) को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। फुल्का ने खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी। बता दें कि फूलका 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। इस साल लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और आप के बीच कथित गठबंधन की संभावना को लेकर चल रही अटकलों के बीच उनका यह कदम सामने आया है।

(Ravi Choudhary/HT File PHOTO)

फूलका ने ने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंप दिया है। हालांकि, आज यानी शुक्रवार को वो एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस्तीफे की असली वजह बताएंगे। फिलहाल, आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल रही है। हालांकि, पीटीआई के मुताबिक आप ने कहा कि उनकी राजनीतिक मामलों की समिति दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के कायकर्ताओं तथा अपने नेताओं की राय पर विचार करने के बाद कोई फैसला लेगी।

फूलका ने एक ट्वीट कर कहा कि वह शुक्रवार को दिल्ली में एक प्रेस कांग्रेस में इस कदम के पीछे की वजह बताएंगे।उन्होंने टि्वटर पर लिखा, ‘‘मैंने आप से इस्तीफा दे दिया और आज केजरीवाल जी को इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि उन्होंने मुझे इस्तीफा ना देने के लिए कहा लेकिन मैं अटल रहा। कल शाम चार बजे नई दिल्ली के रायसीना रोड पर प्रेस क्लब में मीडिया को आप छोड़ने की वजह और आगे की योजनाओं के बारे में बताऊंगा।’’

फुल्का के इस्तीफे पर मशहूर कवि और आप के बागी नेता कुमार विश्वास ने ट्वीट कर बिना नाम लिए सीएम केजरीवाल पर तंज कसा है। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा, “आत्ममुग्ध असुरक्षित बौने की निजी अहंकार मंडित नीचता के नाम एक और खुद्दार-शानदार योद्धा की ख़ामोश क़ुर्बानी मुबारक हो! अपनी स्वराज वाली बची-खुची एक आंख फोड़कर सत्ता के रीढ़विहीन ‘अंधों का सरदार’ बनना वीभत्स और कायराना है।”

वहीं, विश्वास के अलावा आप विधायक अलका लांबा ने भी ट्वीट कर लिखा है, “तीन तरह के लोग: एक वो जो 2012 के पहले थे, एक वो जो 2012 के बाद आए, एक वो जो 2015 के बाद आए, 2012 के पहले वाले गए तो अधिक नुकसान होगा, 2012 के बाद वाले गए तो नुकसान होगा, 2015 के बाद वाले गए तो नुकसान नहीं होगा, आकलन करने की ज़रूरत। संगठन से सरकार बनती है, सरकार से संगठन नहीं।’

आपको बता दें कि एच एस फुल्का पहले भी एक बार इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन सीएम केजरीवाल के कहने पर वह मान गए थे। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील फुल्का अभी पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायक भी हैं। पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सिख रोधी दंगा मामले में हाल ही में दोषी ठहराया। फूलका ने इस मामले में पीड़ितों की ओर से पैरवी की।

 

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