राज्यसभा टिकट पर AAP में घमासान, कुमार विश्वास के समर्थकों ने पार्टी दफ्तर में घुसकर किया प्रदर्शन, लगाया पोस्टर

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आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर पिछले कुछ दिनों से चल रही राज्यसभा की जंग गुरुवार (28 दिसंबर) को धरने-प्रदर्शन तक पहुंच गई। AAP के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास को राज्यसभा भेजने की मांग को लेकर उनके समर्थकों ने गुरुवार को दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में घुसकर जमकर हंगामा किया। विश्वास के सैकड़ों समर्थकों ने पार्टी दफ्तर के भीतर प्रदर्शन कर उनके लिए राज्यसभा सीट की मांग की। समर्थकों ने पार्टी दफ्तर पर कुमार के समर्थन में पोस्टर भी लगाए।

PHOTO: INDIAN Express/JKR

विश्‍वास के समर्थक उन्‍हें राज्‍यसभा भेजने की मांग को लेकर पार्टी कार्यालय पर तंबू गाड़ कर बैठ गए थे। उन्‍होंने आधे कार्यालय पर कब्‍जा कर लिया। कुमार के समर्थकों ने पार्टी ऑफिस पहुंचकर मांग की कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक उनसे मुलाकात करें। उनकी बात सुनें और कुमार विश्वास को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाएं। बता दें कि कुमार विश्‍वास पहले ही राज्‍यसभा जाने की इच्‍छा जता चुके हैं।

आप नेतृत्व से नाराज चल रहे समर्थकों ने दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक धरना दिया। हालांकि, गुरुवार देर शाम तक कुमार के कहने पर उनके समर्थक पार्टी दफ्तर से हट गए। समर्थकों की मांग है कि कुमार विश्वास को राज्यसभा भेजा जाए। वहीं आम आदमी पार्टी ने इस घटना को बीजेपी प्रयोजित हमला करार दिया है। कुमार विश्वास के समर्थक अलग-अलग शहरों से दिल्ली स्थित कार्यालय में बसों और ट्रेन से पहुंचे थे।

AAP के मीडिया मैनेजर विकास योगी ने कहा कि, ‘वे (समर्थक) पहले बुधवार रात को आए थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्‍हें कार्यालय के अंदर नहीं आने दिया था। उस वक्‍त उनमें पार्टी का एक भी कार्यकर्ता नहीं था। सिर्फ एक ट्रक में सामान थे। इसके बाद वे लोग दोबारा गुरुवार सुबह तकरीबन 10 बजे कार्यालय पहुंचे। उनमें से कुछ AAP के सदस्‍य थे, जबकि अन्‍य लोग अजनबी थे। पार्टी कार्यालय पर यह बीजेपी प्रयोजित हमला था।’

कुमार ने की अपील

कुमार विश्वास ने समर्थकों से प्रदर्शन खत्म करने की अपील करते हुए ट्वीट किया, ”कृपया 26 नवंबर की मेरी अपील का ध्यान रखें, देश पहले, पार्टी बाद में और व्यक्ति सबसे अंत में। स्वराज के लिए लड़ें। बुनियादी चीजों, पारदर्शिता की तरफ लौटें। लेकिन मेरे नाम पर मैं किसी हंगामे को पसंद नहीं करूंगा। अभिमन्यु मरकर भी वीरगति को प्राप्त होता है।

बता दें कि आम आदमी पार्टी के हिस्से में राज्यसभा की तीन सीटें हैं। इसे लेकर पार्टी के अंदर पिछले कुछ दिनों से कलह जारी है। कुमार विश्वास इस दौड़ में खुद को सबसे आगे मान रहे थे। लेकिन अब तक पार्टी ने उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया है। ‘आप’ के राजनीतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) ही राज्यसभा के प्रत्याशियों का नाम तय करेगी। पीएसी की बैठक अगले सप्ताह हो सकती है।

राज्‍यसभा के लिए 16 जनवरी को चुनाव होना है, जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 5 जनवरी है। AAP प्रत्‍याशियों को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं ले सकी है। संसद के उपरी सदन की तीन सीटों के लिए AAP में कई महत्वाकांक्षी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी कुमार के समर्थकों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती है।

कुमार को राज्यसभा में भेजे जाने की गुंजाइश कम

राज्यसभा चुनाव के चलते पार्टी में कड़वाहट घुल गई है। ऐसे में उम्मीदवारों की घोषणा में देरी के कई कारणों में यह भी एक कारण है। कुमार विश्वास उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल नेताओं में एक हैं, लेकिन फिलहाल उनकी कुछ समय से नेतृत्व के साथ अनबन चल रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ उनके वर्तमान समीकरण के चलते पार्टी द्वारा उन्हें उपरी सदन में भेजे जाने की गुंजाइश बिल्कुल क्षीण है।

यदि पार्टी अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने का फैसला करती है तो उनके अलावा आशुतोष और संजय सिंह उपरी सदन के लिए दो अन्य उम्मीदवार हैं। पार्टी ने अक्तूबर में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने पेशकश ठुकरा दी थी। पार्टी के किसी भी नेता को राज्यसभा के चुनाव मैदान में नहीं उतारने के इस कदम को संगठन के अंदर अंर्तकलह पर विराम लगाने की कोशिश के रुप में देखा जा रहा है।

दिल्ली राज्यसभा में तीन सदस्यों को भेजती है। फिलहाल जर्नादल द्विवेदी, परवेज हाशमी और कर्ण सिंह राज्सभा में दिल्ली का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं । उनका कर्यकाल जनवरी में खत्म हो रहा है। दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में 67 सीटें पर काबिज AAP के लिए अपने उम्मीदवारों का निर्वाचन कराना बिल्कुल आसान है।

 

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