देखें वीडियो: गधों के घमासान पर कुमार विश्वास की चुटकी, ‘जो माइक पर चीखे वो असली गधा है’

0

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ‘गधे’ पर दिए गए बयान के बाद जब पीएम मोदी ने इसका पलटवार किया तो सारे देश में ‘गधों’ पर चर्चा शुरू हो गई है। इसी क्रम में आम आदमी के पार्टी के नेता और कवि कुमार विश्वास ने हास्य कवि स्वर्गीय ओमप्रकाश आदित्य की ‘गधों’ पर लिखी एक पुरानी कविता को अपने अंदाज में सुनाया।

वीडियो से ज़ाहिर है कि इसमें नेता कुमार विश्वास नहीं, बल्कि कवि कुमार विश्वास बोल रहे हैं। शनिवार शाम को कुमार विश्वास के यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो लोड किया गया।

काव्य पाठ के दौरान कुमार विश्वास कहते है कि स्वर्गीय ओम प्रकाश आदित्य द्वारा लिखी गई इस कविता में जम कर हास्य-व्यंग्य का रंग घुला हुआ है और इसमेे गधों को आदमियों से श्रेष्ठ बताया गया है। चुनावी मौसम में जहाँ पिछले कई दिनों से नेताओं के गिरते भाषाई स्तर पर आम जनता चिंता व्यक्त कर रही थी वहीं उनकी ये कविता आज प्रसांगिक हो उठी है।

इधर भी गधे हैं, उधर भी गधे हैं
जिधर देखता हूं, गधे ही गधे हैं

गधे हँस रहे, आदमी रो रहा है
हिन्दोस्तां में ये क्या हो रहा है

जवानी का आलम गधों के लिये है
ये रसिया, ये बालम गधों के लिये है

ये दिल्ली, ये पालम गधों के लिये है
ये संसार सालम गधों के लिये है

पिलाए जा साकी, पिलाए जा डट के
तू विहस्की के मटके पै मटके पै मटके

मैं दुनियां को अब भूलना चाहता हूं
गधों की तरह झूमना चाहता हूं

घोडों को मिलती नहीं घास देखो
गधे खा रहे हैं च्यवनप्राश देखो

यहाँ आदमी की कहाँ कब बनी है
ये दुनियां गधों के लिये ही बनी है

जो गलियों में डोले वो कच्चा गधा है
जो कोठे पे बोले वो सच्चा गधा है

जो खेतों में दीखे वो फसली गधा है
जो माइक पे चीखे वो असली गधा है

मैं क्या बक गया हूं, ये क्या कह गया हूं
नशे की पिनक में कहां बह गया हूं

मुझे माफ करना मैं भटका हुआ था
वो ठर्रा था, भीतर जो अटका हुआ था

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here