केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली पुलिस का किया समर्थन, लेकिन बाद में डिलीट किया ट्वीट

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तीस हजारी कोर्ट परिसर में दो नवंबर को पार्किंग को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद वकीलों के साथ झड़प के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने आईटीओ स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। हाथों पर काली पट्टी बांधकर किए जा रहे इस विरोध प्रदर्शन में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक शामिल हैं। इस बीच, भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी मंगलवार को ट्वीट कर दिल्ली पुलिस के समर्थन में ट्वीट किया, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने इसे डिलीट भी कर दिया।

किरण रिजिजू
फाइल फोटो

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने ट्वीट में लिखा था, ”पुलिस का काम एक थैंकलैस जॉब है। लेकिन वो किसी की तारीफ के लिए ये काम नहीं करते हैं। पुलिसकर्मी रोजाना अपनी जान जोखिम पर डालकर रोज काम करते हैं। अगर वे काम करते हैं तो उनकी निंदा होती है और नहीं करते हैं तो भी निंदा होती है। इस पुलिस विरोधी रवैये के बीच हम ये बात भूल जाते हैं कि पुलिसकर्मी जब ड्यूटी कर रहे होते हैं तो उनके घर, उनका परिवार होता है।”

हालांकि, कुछ ही देर के बाद किरण रिजिजू ने यह ट्वीट अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से डिलीट कर दिया। बाद में केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया कि बात ये नहीं है कि किस ग्रुप को सपोर्ट किया जा रहा है, मुद्दा ये है कि किसी को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।

ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की पिटाई

साकेत अदालत के बाहर सोमवार को वकीलों ने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की पिटाई कर दी थी। घटना के एक वीडियो में, वकील बाइक पर सवार एक पुलिसकर्मी को पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। वकीलों में से एक को पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारते भी देखा गया। जब पुलिसकर्मी घटनास्थल से जा रहे थे, तब वकील ने उसके हेलमेट को उसकी बाइक पर दे मारा।

दिल्ली पुलिसकर्मियों ने साथियों पर हमले के खिलाफ प्रदर्शन किया

गौरतलब है कि, वकीलों के साथ झड़प के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों ने तख्तियां ले रखी थीं जिन पर लिखा था, ‘‘पुलिस वर्दी में हम इंसान हैं’’ और ‘‘रक्षा करने वालों को सुरक्षा की जरूरत’’। पुलिसकर्मी आईटीओ स्थित पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा हुए और उन्होंने अपने वरिष्ठों से अनुरोध किया कि वर्दी का सम्मान बचाने की खातिर वे उनके साथ खड़े रहें।

पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली) ईश सिंघल ने प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या पर ध्यान दिया जाएगा। सिंघल ने कहा, ‘‘आपकी चिंता और नाराजगी के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को बताया गया है। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि यहां आपका प्रदर्शन बेकार नहीं जाएगा।’’

गौरतलब है कि, शनिवार को दिल्ली के तीस हजारी अदालत परिसर में वकीलों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। इस दौरान कम से कम 20 पुलिसकर्मी और कई वकील घायल हो गए थे। कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई या उनमें आग लगा दी गई।

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