अरुणाचल प्रोजेक्ट में किरण रिजिजू के हवाले से बनाया गया दवाब, ‘भईया का हेल्प चाहिए तो…हमको बोलिए सर’

0

अरुणाचल प्रदेश में बन रही एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के लिए बनने वाले बांधों में करीब 450 करोड़ रूपए के भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ। इसके बाद चीफ विजिलेंस ऑफिसर सतीश वर्मा ने बांधों को बनाने में हुए भ्रष्टाचार के बारे में 129 पेजों की एक रिपोर्ट बनाई और सीबीआई व ऊर्जा मंत्रालय को भेजी जिसके बाद एनईईपीसीओ ने पीईएल के बकाया बिलों का भुगतान रोक दिया था।

वर्मा की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ठेकेदार पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड (पीईएल), एनईईपीसीओ अधिकारियों और वेस्ट कामेंग जिले के अधिकारियों ने “व्यापक षडयंत्र” करके एनईईपीसीओ और सरकारी कोष का दुरुपयोग किया।  ठेकेदार ने जाली बिल और वास्तविक भुगतान से बहुत ज्यादा के बिल दिखाकर भुगतान के लिए दिए हैं। इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सतीश वर्मा की रिपोर्ट में एक ऑडियो सीडी भी है।

1

इस आॅडियो बातचीत के टेप में कई खुलासे सामने आए। 2015 के दौरान की 29 मिनट की इस बातचीत में किरण रिजिजू को ‘भईया’ कहकर सम्बोधित किया गया है। इस टेप में 17 बार ‘भईया’ शब्द का सम्बोधन प्रयोग किया गया है।

इस बातचीत को 29 दिसम्बर, 2015 की बताया जा रहा है। असल में किरण रिजिजू के द्वारा मंत्रालय को लेटर लिखने के बाद उनके चचेरे भाई गोबोई रिजिजू 29 दिसंबर को वर्मा से मिले और उनसे भुगतान के बकाया बिलों को क्लियर करने के लिए कहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार गोबोई ने वर्मा को भाई की मदद से प्रमोशन का ऑफर भी दिया और कथित तौर पर टेप में कहा गया कि ”हमने सुना कि आपका प्रमोशन हो रहा है। तो आप मेरे ‘भईया’ के लायक कुछ होने से आप बोलिए सर। कुछ भी सर, आप हमको बोलिए। ‘भईया का हेल्प चाहिए तो…हमको बोलिए सर’

rijiju-letter-2_131216-085222-768x1024

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार, ये बाततीच कुछ इस प्रकार से थी कि गोबोई रिजिजू वर्मा को अपने ‘भईया’ के हवाले का कई बार जिक्र करता है और कहता है कि मैं किरण रिजिजू का भाई हूं सर, पटेल जो सब काॅन्ट्रेक्टर को पेमेंट कर रहा है सर वहां एक आदमी का 30 लाख, 50 लाख, एक करोड़ तक बाकी है सर, लोकल आदमी को वहां पर बहुत प्राॅब्लम हो रहा है सर।

भाई किरण रिजिजू पर लोकल लोगों का बड़ा दबाव है। भुगतान रुका हुआ है और साइट पर काम नहीं हो रहा है। उसने कहा कि जो लोकल लोग ट्रांसपोर्ट के काम में नहीं थे, उनका भुगतान होना चाहिए।

”वहां लोगों के पास काम नहीं है। इसलिए लोग ‘भईया’ (किरण रिजिजू) के पास जाते हैं और उनसे PEL को काम सौंपने को कहते हैं। तीन आदिवासी भइया से मिले थे और उनसे कहा कि पटेल से उन्हें काम देने को कहें। जब वर्मा ने कहा कि पटेल को भुगतान तभी किया जाएगा, जब वो सही बिल पेश करेगा।

गोबोई ने कहा कि वो कोशिश करेगा कि पटेल सही बिल दे। गोबोई ने वर्मा को भाई की मदद से प्रमोशन का ऑफर भी दिया, ”हमने सुना कि आपका प्रमोशन हो रहा है. तो आप मेरे ‘भईया’ के लायक कुछ होने से आप बोलिए सर। कुछ भी सर, आप हमको बोलिए। ‘भईया का हेल्प चाहिए तो…हमको बोलिए सर’

इस लगभग 29 मिनट की बातचीत है जिसमें गोबोई अपने भाई का हवाला देकर बिलों को क्लियर करने का दवाब बनाता है। इसके बाद जो आरोप सामने आया उसमें कहा गया कि किरण रिजिजू अपने चचेरे भाई की मदद करने के लिए विद्युत मंत्रालय को ठेकेदार की बकाया राशि के भगुतान के लिए पत्र लिखा था।

मीडिया रिपोट्स के अनुसार, केंद्रीय गृहराज्‍य मंत्री किरण रिजिजू पर अरुणाचल हायड्रो प्रोजेक्‍ट में घोटाले के आरोप लगने के बाद आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि एक रिकॉर्डिंग में किरण के भाई गोबोई रिजिजू बोल रहे हैं कि ‘आपका प्रमोशन हो रहा है, भैया का कोई भी हेल्प चाहिए तो बताइए, भैया से बोल दूंगा’। भैया किरण रिजिजू राज्य मंत्री है तो उन्होंने पीयूष गोयल को चिट्ठी लिखी और पेमेंट के लिए कहा।

किरण ने ये नहीं बताया कि ठेकेदार उनके भाई हैं, यहां एक मंत्री अपने भाई को फायदा पहुंचाने के लिए कैबिनेट को चिट्ठी लिख रहा है। फिलहाल आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि किरण रिजिजू को अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और जांच पर उनके मंत्री पद का कोई असर न हो।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here