सरेआम मंच पर आपस में भिड़े पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी और AIADMK विधायक, वीडियो वायरल

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केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। एक सार्वजनिक समारोह में पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी और AIADMK के एक विधायक अनबझगन किसी बात को लेकर सरेआम मंच पर ही आपस में भिड़ गए। इतना ही नहीं दोनों के बीच मंच पर ही काफी देर तक कहासुनी भी हुई है। दोनों के बीच हुई कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

दरअसल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर केंद्र शासित पुड्डुचेरी में आयोजित समारोह उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब उपराज्यपाल किरण बेदी और अन्नाद्रमुक विधायक अनबझगन के बीच मंच पर ही जमकर कहासुनी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद तब शुरू हुआ जो जब कथित तौर पर किरण बेदी द्वारा AIADMK विधायक के भाषण के दौरान उनका माइक कथित तौर पर बंद करवा दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, निर्धारित कार्यक्रम केे अनुसार अनबझगन को समारोह में बोलने का मौका मिला, लेकिन तय समय के बाद भी बोलते रहे। जिसके बाद बेदी ने उन्हें जल्दी से अपना भाषण खत्म करने के लिए कहा। इसके बावजूद अनबझगन ने उपराज्यपाल की बात को नजरअंदाज करते हुए अपना भाषण जारी रखा, स्थानीय प्रशासन मंत्री ए नमशिवाय ने उन्हें दो पर्चे भेजकर चुप कराने की भी कोशिश की और इसके बाद उपराज्यपाल ने आयोजकों से उनके माइक को बंद करने का निर्देश दिया।

इससे नाराज होकर अनबझगन किरण बेदी के नजदीक गए और उनके साथ बहस करने लगे। मामले को बढ़ता देख नमशिवाय उन्हें शांत कराने के लिए जैसे ही उनके पास गए अनबझगन ने उन्हें धक्का देकर एक तरफ कर दिया और वहां से चले गए। अनबझगन ने बाद में पत्रकारों से कहा कि यह केवल उनकी बेइज्जती नहीं बल्कि पूरे उप्पलम निर्वाचन क्षेत्र का अपमान हैं।

उन्होंने कहा कि अगर संभव हुआ तो वह विधानसभा अध्यक्ष वी वेथलिंगम से मिलकर उपराज्यपाल के खिलाफ विशेषाधिकार लाएगे। इन घटनाक्रमों के बीच बेदी केंद्र शासित प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने के बाद जनता को संबोधित किए बिना ही वहां से चली गई। विधायक का आरोप है कि जब वह भाषण दे रहे थे तो उस दौरान उनके माइक को किरण बेदी ने जानबुझकर बंद करवा दिया।

इस मामले में किरण बेदी द्वारा एक आधिकारिक बयान भी सामने आ चुका है, जिसमें उन्होंने विधायक का माइक बंद करवाने के अपने फैसले को सहीं करार दिया है। बेदी ने विधायक की प्रतिक्रिया को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि विधायक का नाम वक्ताओं की सूची में शामिल नहीं था। इसके बावजूद विधायक समारोह की शुरुआत में ही बोलना शुरू कर दिए।

बेदी के मुताबिक विधायक काफी लंबे समय तक बोलते रहे और आयोजकों के गुजारिश के बाद भी वह अपना भाषण समाप्त नहीं किए। तब उन्होंने माइक को बंद करने का आदेश दे दिया। बेदी का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है जब विधायक ने ऐसा कुछ किया हो इससे पहले वह इसी तरह के दुर्व्यवहार कर चुके हैं।

 

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