दिल्ली मेट्रो के आधे नुकसान की भरपाई करने को केजरीवाल तैयार, कहा- बाकी केंद्र दे

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मेट्रो किराया वृद्धि का विरोध कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नया दांव खेला है। दिल्ली सरकार मेट्रो का किराया न बढ़ाने के एवज होने वाले नुकसान का 50 प्रतिशत वहन करने को तैयार है। बशर्ते केंद्र सरकार अपने हिस्से का 50 फीसदी खर्च उठाए।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार(8 अक्टूबर) को केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिख कर यह कहा है। दरअसल, दिल्ली मेट्रो किराया बढ़ाने के मामले में केजरीवाल ने मेट्रो के नुकसान की भरपाई करने की बात कही है। उन्होंने केंद्र को चिट्ठी लिखकर कहा है कि किराया नहीं बढ़ाने पर मेट्रो को होने वाले नुक़सान की भरपाई करने के लिए उनकी सरकार तैयार है।

साथ ही केजरीवाल ने चिट्ठी में ये भी साफ किया है कि दिल्ली सरकार मेट्रो का अधिग्रहण करने को तैयार है। अपनी चिट्ठी में केजरीवाल ने कहा है कि मेट्रो किराया न बढ़ने पर डीएमआरसी को होने वाले नुकसान का 50 फीसदी पैसा दिल्ली सरकार देगी। साथ ही शर्त भी रखी है कि मेट्रो के नुकसान का 50 प्रतिशत केंद्र भी दे।

बता दें कि केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मेट्रो के किराए में प्रस्तावित इजाफे को कानूनसम्मत बताते हुए कहा था कि अगर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल किराया बढ़ोतरी को रोकना चाहते हैं तो दिल्ली सरकार को मेट्रो परिचालन में हर साल होने वाले 3000 करोड़ रुपए की भरपाई करनी होगी।

पुरी ने केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा था कि दिल्ली मेट्रो अधिनियम प्रस्तावित किराया बढ़ोतरी को रोकने की इजाज़त नहीं देता है। उन्होंने लिखा था कि फिर भी अगर केजरीवाल किराया वृद्धि को रोकना चाहते हैं तो नई किराया निर्धारण समिति का गठन किया जा सकता है, बशर्ते दिल्ली सरकार दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को मेट्रो परिचालन में हर साल होने वाले 3000 करोड़ रुपए की क्षति की भरपाई कर दे।

बता दें कि मौजूदा किराया निर्धारण समिति द्वारा किराये में प्रस्तावित बढ़ोतरी को आगामी 10 अक्टूबर से लागू करने के डीएमआरसी के फैसले का दिल्ली सरकार लगातार विरोध कर रही है। इस बाबत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुरी को हाल ही में पत्र लिख कर छह महीने में दो बार किराया बढ़ोतरी को जनता के साथ अन्यायपूर्ण और गैरकानूनी बताते हुए इसे रोकने की मांग की थी।

 

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