कश्मीर घाटी में बेहतर हो रहे हैं हालात, लोगों की आवाजाही बढ़ी

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कश्मीर घाटी में लगभग तीन महीने तक चला आंदोलन अब ठंडा पड़ता दिख रहा है. आज पूरी घाटी में कहीं भी लोगों की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है. हालांकि कश्मीर में अलगाववादी समर्थित हड़ताल के कारण आज लगातार 87वें दिन जनजीवन प्रभावित हुआ।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोगों में सुरक्षा की भावना को बनाए रखने के लिए बाजार समेत कुछ इलाकों में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है, ताकि लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां बिना किसी खौफ के कर सकें।

भाषा की खबर के अनुसार, अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में हर नए दिन के साथ हालात बेहतर हो रहे हैं और श्रीनगर के बाहरी इलाकों तथा व्यावसायिक इलाके लाल चौक पर निजी तथा सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही भी बढ़ी है, हालांकि बसें अभी भी नहीं चल रही हैं. शहर के कई इलाकों में रेहड़ी वाले लौट आए हैं और फल-सब्जी, चाय-नाश्ता आदि बेच रहे हैं।

हालांकि शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों, जिला मुख्यालय और कस्बों समेत घाटी के अन्य हिस्सों में अलगाववादी समर्थित हड़ताल के कारण लगातार 87वें दिन जनजीवन प्रभावित रहा।

सुरक्षाबलों द्वारा 8 जुलाई को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को ढेर किए जाने के बाद अशांत हुई घाटी में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ों में अब तक दो पुलिसकर्मियों समेत 83 लोगों की मौत हो चुकी है और कई हजार लोग घायल हुए हैं।

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