कासगंज हिंसा: फेसबुक पोस्ट से विवादों में आए बरेली के जिलाधिकारी ने मांगी माफी, कहा- ‘मुस्लिम हमारे भाई हैं, हमारा रक्त और डीएनए एक ही है’

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उत्तर प्रदेश के कासगंज में हुई साम्प्रदायिक हिंसा को लेकर फेसबुक पोस्ट पर विवाद खड़ा होने के बाद बरेली के जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने योगी सरकार की नाराजगी के बाद 28 जनवरी को डाली गई पोस्ट को अपनी फेसबुक वॉल से हटा लिया है। साथ ही नया पोस्ट कर लोगों की भावनाएं आहत होने पर माफी मांगी है और एक नई पोस्ट में लिखा कि मुस्लिम हमारे भाई हैं, हमारा रक्त और डीएनए एक ही है।

फोटो: फेसबुक वॉल से

बता दें कि कासगंज हिंसा को लेकर बरेली के डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट लिखा, जिसके ऊपर काफी विवाद खड़ा हो गया, मगर राज्य सरकार की सख्ती के बाद डीएम ने अपनी फेसबुक पोस्ट को लेकर माफी मांग ली है और अपनी सफाई दी है। नए पोस्ट में डीएम ने हिंदू और मुस्लिमों का डीएनए एक ही बताया है।

डीएम ने मंगलवार (30 जनवरी) को अपने फेसबुक पोस्ट में अपनी पुरानी पोस्ट को लेकर माफी मांगते हुए लिखा कि, ‘हमारी पोस्ट बरेली में कांवड़ यात्रा के दौरान आई कानून-व्यवस्था की समस्या से संबंधित थी। मुझे आशा थी कि इसे बौद्धिक निर्णय से देखा जाएगा, लेकिन इसने दूसरा रुख ले लिया। हम आपस में चर्चा इसलिए करते हैं कि हम बेहतर हो सकें। ऐसा लगता है कि इससे बहुत से लोगों को आपत्ति भी और तकलीफ भी। हमारी मंशा कोई कष्ट देने की नहीं थी। साम्प्रदायिक माहौल सुधारना प्रशासनिक और नैतिक जिम्मेदारी है हम लोगों की। हमारे मुस्लिम हमारे भाई हैं। हमारे ही रक्त। डीएनए एक ही है हमारा। हमें उन्हें वापस लाना नहीं आया। एकीकरण और समरसता के भाव को जितनी जल्दी हम समझें उतना बेहतर है देश के लिए, हमारे प्रदेश के लिए, हमारे जनपद के लिए। पाकिस्तान शत्रु है..इसमें कोई संदेह नहीं, हमारे मुस्लिम हमारे हैं…इसमें भी कोई संदेह नहीं है। मैं चाहता हूं यह विवाद खत्म हो। मेरे कारण यदि किसी मित्र, बंधु को दुख पहुंचा हो तो क्षमा मांगता हूं।’

क्या है पूरा विवाद

दरअसल, डीएम राघवेंद्र सिंह की इस फेसबुक पोस्ट को कासगंज हिंसा से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही है। विक्रम सिंह ने अपनी फेसबुक पोस्ट में सवाल पूछते हुए कहा था है कि मुसलमान इलाको में जाकर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारा लगाना ट्रेंड क्यों बन गया है?

खास बात यह है कि जिलाधिकारी ने यह पोस्ट कासगंज में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर हुए विवाद के महज दो दिन बाद 28 जनवरी की शाम को आर विक्रम सिंह नाम से बने अपने फेसबुक पेज पर डाली। पोस्ट में यात्रा निकालने के लिए मार्ग चुनने और फिर वहां पर नारेबाजी की बात को लिखा।

रविवार (28 जनवरी) रात को अपनी पोस्ट में बरेली के जिलाधिकारी विक्रम सिंह ने लिखा था, “अजब रिवाज बन गया है। मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ। क्यों भाई वे पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली में खैलम में हुआ था। फिर पथराव हुआ। मुकदमे लिखे गए…”सिंह द्वारा रविवार देर रात लिखी गई यह पोस्ट सोमवार शाम तक काफी वायरल हो गई। पोस्ट के पक्ष और विपक्ष में कई तरह की प्रतिक्रियाएं भी आईं। हालांकि, विवाद बढ़ता देख जिलाधिकारी ने सोमवार की रात करीब 11.25 बजे अपनी पोस्ट को एडिट कर उसकी जगह 26 जनवरी को ऐतिहासिकता से जुड़ा कंटेंट डाल दिया।

केशव मौर्य बोले- होगी सख्त कार्रवाई

डीएम की फेसबुक पोस्ट ने अब नया विवाद का रूप ले लिया है। जिलाधिकारी के फेसबुक पोस्ट को लेकर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बेहद नाराज हैं। नवभारत टाइम्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली के डीएम आर विक्रम सिंह को तलब किया है। वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने फेसबुक पोस्ट पर आपत्ति दर्ज करते हुए उचित कार्रवाई की बात कही है।

मौर्य ने डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने किसी सियासी पार्टी के प्रवक्ता की तरह बयानबाजी की है। NBT के मुताबिक, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, ‘इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। वह किसी सियासी पार्टी के प्रवक्ता की तरह बयानबाजी कर रहे हैं।’

ABHISAR SHARMA

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Posted by जनता का रिपोर्टर on Sunday, 28 January 2018

 

 

 

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