कर्नाटक: विश्वास मत में हिस्सा न लेने वाले BSP विधायक को मायावती ने पार्टी से किया बर्खास्त

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कर्नाटक में कांग्रेस-जद(एस) की सरकार मंगलवार (24 जुलाई) को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने में विफल रही और सरकार गिर गई। इसीके साथ राज्य में करीब तीन हफ्ते से चल रहे राजनीतिक ड्रामे का अंत हो गया। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को संख्या बल का साथ नहीं मिला और उन्होंने विश्वास मत प्रस्ताव पर चार दिन की चर्चा के खत्म होने के बाद हार का सामना किया। विधानसभा में पिछले गुरुवार को उन्होंने विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया था।

(Photo by Ajay Aggarwal/ Hindustan Times via Getty Images)

विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने ऐलान किया कि 99 विधायकों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया है जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मत दिया है। इस प्रकार यह प्रस्ताव गिर गया। इसके साथ ही भाजपा ने कहा है कि वह कनार्टक में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। बताया जा रहा है कि सरकार बुधवार को सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है।

इस बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने कर्नाटक में पार्टी के एकमात्र विधायक एन. महेश को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी ने कर्नाटक में विश्वास मत के दौरान अपने विधायक को कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में मत डालने के लिए कहा था लेकिन विधायक कार्रवाई में शामिल नहीं हुए।

मायावती ने ट्वीट किया, “बसपा विधायक एन.महेश को कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में मत डालने के लिए निर्देश दिए गए थे। लेकिन, वह सदन से अनुपस्थित रहे। यह स्पष्ट तौर पर अनुशासनहीनता है और पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है। महेश को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है।”

देशभर में प्रदर्शन करेगी कांग्रेस

कर्नाटक विधानसभा में एचडी कुमारस्वामी नीत सरकार का विश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि भाजपा ने ‘अनैतिक ढंग’ से भले ही संख्या के मामले में बढ़त हासिल कर ली, लेकिन उसे और सहयोगी जद(एस) को नैतिक जीत मिली है। पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस भाजपा की इस ‘राजनीतिक खरीद-फरोख्त’ के खिलाफ अब देशभर में प्रदर्शन करेगी।

कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी ने ट्वीट कर कहा, ‘कर्नाटक में भाजपा द्वारा सरकार गिराना देश में अब तक की सबसे जघन्य राजनीतिक खरीद-फरोख्त है। यह केंद्र सरकार, राज्यपाल, महाराष्ट्र सरकार और भाजपा नेतृत्व द्वारा मिलकर किया गया।’ उन्होंने कहा, ” हमारे जो विधायक पार्टी के साथ खड़े रहे और जिन कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक नैतिकता को बरकरार रखने की लड़ाई लड़ी वो बड़े सम्मान के हकदार हैं।”

वेणुगोपाल ने दावा किया, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदन में भले ही संख्या के मामले में भारी पड़ी, लेकिन कांग्रेस और जद(एस) ने नैतिक जीत हासिल की।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ‘भाजपा द्वारा अनैतिक ढंग से सरकार गिराने’ के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी।

 

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