शहीद हेमंत करकरे पर दिए साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के आपत्तिजनक टिप्पणी पर कांग्रेस ने PM मोदी से की माफी की मांग, IPS एसोसिएशन ने भी की निंदा, BJP बोली- ‘उनका निजी बयान’

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मालेगांव बम विस्फोट मामले में लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का सामना कर चुकीं इस मामले में अभियुक्त और भोपाल से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार बनाईं गईं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक शाखा (एटीएस) के दिवंगत प्रमुख हेमंत करकरे के बारे में विवादित बयान दिया है। एक चुनावी सभा के दौरान प्रज्ञा सिंह ने कहा है कि उनके श्राप से हेमंत करकरे की मौत हो गई। साध्वी ने मुंबई के आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर यातना देने का आरोप लगाया।

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बता दें कि हेमंत करकरे महाराष्ट्र एटीएस के प्रमुख थे और साल 2008 में मुंबई पर हुए हमलों के दौरान उनकी मौत हो गई थी। बहादुरी के लिए साल 2009 में उन्हें अशोक चक्र दिया गया था। प्रज्ञा ठाकुर एक दशक से अधिक समय पहले महाराष्ट्र के मालेगांव विस्फोट मामले में महाराष्ट्र एटीएस की हिरासत में काफी समय तक रही हैं। उस समय करकरे ने भी उनसे रिमांड के दौरान पूछताछ की थी।

कांग्रेस ने PM मोदी से की माफी की मांग

कांग्रेस ने प्रज्ञा ठाकुर की शहीद हेमंत करकरे के संदर्भ में की गई विवादित टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की और कहा कि वह प्रज्ञा के खिलाफ कार्रवाई करें। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रज्ञा के कथित विवादित बयान से जुड़े वीडियो शेयर करते हुए कहा, ‘‘मोदी जी, केवल भाजपाई ही 26/11 के शहीद हेमंत करकरे को देशद्रोही घोषित करने का जुर्म कर सकते हैं। यह देश के हर सैनिक का अपमान है जो आतंकवाद से लड़ते हुए भारत मां के लिए प्राणों की क़ुर्बानी देता है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप देश से माफी मांगिए और प्रज्ञा पर कार्यवाही कीजिए।’’ सुरजेवाला ने जो वीडियो शेयर किया है कि उसमें प्रज्ञा यह कहती नजर आ रही हैं कि उन्होंने महाराष्ट्र में एटीएस प्रमुख रहे करकरे से कहा था कि ‘तुम्हारा सर्वनाश होगा।’ प्रज्ञा मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं। इस मामले की जांच करकरे के नेतृत्व में हुई थी। गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने मुंबई के कई स्थानों पर स्थानों पर हमले किए थे। उसी दौरान करकरे और मुंबई पुलिस के कुछ अन्य अधिकारी शहीद हुए थे।

IPS एसोसिएशन ने भी की निंदा

आईपीएस एसोसिएशन ने ट्वीट कर साध्वी प्रज्ञा के नाम का बिना उल्लेख किए उनके विवादित बयान की निंदा की है और कहा है कि सभी शहीदों का सम्मान होना चाहिए। आईपीएस एसोसिएशन ने ट्वीट किया, “अशोक चक्र से सम्मानित दिवंगत श्री हेमंत करकरे ने आतंकवादियों से लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हम एक उम्मीदवार द्वारा उनका (करकरे का) अपमान करने वाले बयान की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि हमारे सभी शहीदों के बलिदान का सम्मान होना चाहिए।”

BJP बोली- ‘उनका निजी बयान’

बीजेपी ने भोपाल से अपनी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा के आपत्तिजनक बयान से दूरी बना ली है। कांग्रेस द्वारा निशाना साधने के बाद बीजेपी ने बयान जारी कर कहा कि पार्टी ने हमेशा हेमंत करकरे को शहीद माना है। बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘बीजेपी का स्पष्ट मानना है कि स्वर्गीय हेमंत करकरे आतंकियों से बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। बीजेपी ने हमेशा उन्हें शहीद माना है।’ शुक्रवार शाम में बीजेपी ने बयान जारी कर कहा, ‘जहां तक साध्वी प्रज्ञा के इस संदर्भ (हेमंत करकरे) में बयान का विषय है तो वह उनका निजी बयान है, जो वर्षों तक उन्हें हुई शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण दिया गया होगा।’

शहीद करकरे पर प्रज्ञा ठाकुर के बिगड़े बोल

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्रज्ञा ने गुरुवार (18 अप्रैल) शाम को भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में उत्तर विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक में मुंबई एटीएस के दिवंगत प्रमुख का नाम लेते हुए कहा, ‘मैं मुंबई जेल में थी उस समय। जांच जो बिठाई थी, सुरक्षा आयोग के सदस्य ने हेमंत करकरे को बुलाया और कहा कि जब सबूत नहीं है तो साध्वीजी को छोड़ दो। सबूत नहीं है तो इनको रखना गलत है, गैरकानूनी है। लेकिन उसने (करकरे) कहा कि मैं साध्वी को नहीं छोड़ूंगा।’

साध्वी ने हिरासत के दौरान यातना देने का आरोप लगाते हुए आगे कहा, ‘इतनी यातनाएं दीं, इतनी गंदी गालियां दीं जो असहनीय थी, मेरे लिए और मेरे लिए नहीं, किसी के लिए भी। मैंने कहा तेरा सर्वनाश होगा। ठीक सवा महीने में सूतक लगता है। जब किसी के यहां मृत्यु होती है या जन्म होता है। जिस दिन मैं गई थी, उस दिन इसके सूतक लग गया था। ठीक सवा महीने में जिस दिन उसको आतंकवादियों ने मारा उस दिन सूतक का अंत हो गया।’

मालेगांव विस्फोट मामले में अभी भी चल रहा है केस

बता दें कि वर्ष 2008 में मालेगांव बम विस्फोट मामले में प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (यूएपीए एक्ट) के तहत अभी भी मामला अदालत में विचाराधीन है। हालांकि, इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत उन्हें क्लीनचिट मिली हुई है। भोपाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह के खिलाफ बीजेपी ने कट्टर हिन्दुत्व छवि की भगवाधारी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद इस लोकसभा सीट का चुनाव पूरे देश में चर्चित हो गया है।

भोपाल संसदीय क्षेत्र में पिछले तीन दशकों से बीजेपी जीतती आ रही है। इस बार कांग्रेस ने वरिष्ठतम नेताओं में शुमार और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को यहां से 23 मार्च को ही प्रत्याशी घोषित कर दिया था। बीजेपी ने कई नेताओं के नामों पर विमर्श के बाद अंतत: बुधवार को साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को प्रत्याशी बनाकर जता दिया कि वो ‘हार्डकोर हिंदुत्व’ के नाम पर यहां से आगे बढ़ना चाहती है। कल दिग्विजय सिंह नामांकनपत्र दाखिल करेंगे, जबकि ठाकुर भी दो तीन
दिनों में अपना नामांकनपत्र दाखिल करेंगी।

 

 

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