कपिल मिश्रा ने शुरू किया अनशन, AAP नेताओं से मांगी विदेशी दौरों की जानकारी

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दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी(AAP) से निलंबित कपिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बुधवार(10 मई) को अनशन पर बैठ गए। कपिल मिश्रा ने कहा कि जब तक AAP नेताओं के विदेशी दौरों का हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जाएगा तब तक मेरा सत्याग्रह जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं अनशन नहीं, सत्याग्रह कर रहा हूं।कपिल ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा से कहती आई है कि उसके पास चुनाव लड़ने के लिए भी पैसा नहीं है। अगर ऐसा है तो AAP के मंत्री विदेश दौरों पर किसके पैसों से गए। कितने दिन रहे और किसके पैसों से रहे। उनको पास कहां से पैसा आया? उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल के मंत्री विदेश दौरों की जानकारी दे देंगे तो मैं अनशन खत्म कर दूंगा।हालांकि, अभी मिश्रा की तरफ से ये नहीं बताया गया है कि उनका यह अनशन कब तक चलेगी।

इससे पहले उन्होंने मंगलवार को अनशन की जानकारी देते हुए कई ट्वीट किए। पहले ट्वीट में कपिल ने कहा कि ईश्वर का नाम लेकर कल सुबह से अकेले ही अनशन पर बैठूंगा। उन्होंने आगे कहा कि सत्य सामने आने तक अनशन जारी रहेगा।

उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा- ‘कुछ AAP नेताओं द्वारा कई बार विदेश यात्राएं, चंदे के पैसों से, सरकारी पैसो से और इलिगल कैश से की गई है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।’

उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, यह बात भी सार्वजनिक की जानी चाहिए कि ये नेता कहां कहां गए, कहां रुके, किन लोगों से मिले, क्या लेन-देन हुई, कितने दिनों तक किस किस देश मे रहे, पैसा कहां से आया? पासपोर्ट के डिटेल्स?

मिश्रा ने जिन नेताओं से विदेशी दौरों का हिसाब मांगा है उनमें संजय सिंह, आशीष खेतान, सत्येंद्र जैन, राघव चड्ढा और दुर्गेश पाठक शामिल हैं। इस बीच मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि कपिल मिश्रा को व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले उनको फोन किया गया था, जब उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया तो​ फिर धमकी भरा संदेश उनके व्हाट्सएप पर आया।

इससे पहले कैबिनेट से निकाले जाने के बाद AAP से भी निलंबित हो चुके कपिल मिश्रा ने मंगलवार(9 मई) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम एक खुला पत्र लिखा। साथ ही मिश्रा ने पत्रकारों से कहा कि केजरीवाल में हिम्मत हो तो मेरे साथ किसी भी सीट पर चुनाव लड़ लें।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि सोमवार(8 मई) को सीएम केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा को आम आदमी पार्टी(आप) की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया। सोमवार शाम को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया।

इससे पहले आम आदमी पार्टी में कुमार विश्वास बनाम अरविंद केजरीवाल की लड़ाई ने शनिवार(6 मई) को उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब विश्वास के करीबी माने जा रहे मंत्री कपिल मिश्रा को पद से हटा दिया गया। मिश्रा की जगह कैलाश गहलोत को जल संसाधन मंत्री बनाया गया है, जबकि सीमापुरी के विधायक राजेंद्र पाल गौतम को भी मंत्री पद दिया गया है।

दिल्ली सरकार से हटाए जाने के एक दिन बाद रविवार(7 मई) को मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। मिश्रा ने राजघाट पर कहा कि उन्होंने जैन को केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर उन्हें 2 करोड़ रुपये नगद सौंपते हुए देखा। उनके मुताबिक जब उन्होंने इसके बारे में पूछा तो मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में कुछ चीजें बताई नहीं जा सकतीं।

मिश्रा ने कहा कि केजरीवाल में पूरा विश्वास होने की वजह से मैं चुप था। परसों मैंने देखा कि जैन केजरीवाल को 2 करोड़ रुपये नकद दे रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि राजनीति में कुछ चीजें होती हैं। केजरीवाल को जैन की ओर से इतनी बड़ी राशि देते हुए देखने के बाद मुझे सामने आना पड़ा।

साथ ही मिश्रा ने आरोप लगाया कि जैन ने मुझे बताया था कि उन्होंने केजरीवाल के रिश्तेदार का 50 करोड़ रुपये का भूमि सौदा कराया है। AAP विधायक ने कहा कि इस मुद्दे पर केजरीवाल से सवाल-जवाब करने के बाद उनको कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया गया।

 

 

 

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