क्या भारत मोदी और नवाज शरीफ के बीच किसी गुप्त समझौते की कीमत चुका रहा है?

0

क्या भारत मोदी जी और नवाज शरीफ के बीच किसी गुप्त डील की कीमत चुका रहा है? देश को पता होना चाहिए कि मोदी और नवाज शरीफ के बीच बार-बार होने वाली गुप्त मुलाकातों में क्या होता है। हिंदुस्तान को मोदी जी ने सबसे पहला झटका तब दिया जब लोकसभा चुनाव जीतते ही अपने शपथ ग्रहण में नवाज शरीफ को विशेष अतिथी के तौर पर बुलाया।

उस दिन उन दोनों की बॉडी लैंग्वेज कहीं से ऐसी नहीं थी की दो दुश्मन देश के नेता हो। उनके रिश्ते की गर्माहट और एक दुसरे के परिवारों के लिए दिए जा रहे गिफ्ट ऐसे थे जैसे दो भाई मिले हो। तबसे मोदी जी और नवाज शरीफ ने एक दुसरे से मिलने का कोई मौका नहीं छोड़ा। कोई न कोई बहाना ढूंढकर दोनों ने ये सुनिश्चित किया कि वो मिले जरूर।

चाहे जो हो जाये। फिर बहाना चाहे अंतरराष्ट्रीय नेताओं का जमावड़ा हो या कई देशों का कोई कार्यक्रम। चाहे पेरिस की क्लाइमेट समिट हो या रशिया की SCO मीट, बैंकाक हो या शंघाई या वाशिंगटन। दोनों ने कुछ न कुछ रास्ता निकाल ही लिया, अकेले गुफ्तगू करने का। कुछ वक्त साथ बिताने का।

सर्च करे तो ऐसी सैकड़ो तस्वीरे है जहाँ दोनो एक दूसरे से अकेले में, अलग बातें करने में व्यस्त है। इन मुलाकातों में इन दोनों के अलावा और कोई अधिकारी नहीं दिखता। कहीं एक सोफे के कोने में दोनों बातों में मशगूल है। गले लगते हुए, हाथो में हाथ डाले चलते हुए। जैसे कोई बहुत ही गुप्त व व्यक्तिगत बात हो। जैसे कोई डील हो। उस दिन तो पूरी दुनिया ही झटका खा गयी थी, जिस दिन मोदी जी अचानक नवाज शरीफ के घर में किसी जन्मदिन की पार्टी में पहुँच गए थे।

Also Read:  रवि शास्‍त्री को टीम इंडिया का कोच बनाए जाने की खबरों को BCCI ने किया खारिज

उस दिन भी वहां मोदी और नवाज शरीफ के बीच काफी देर तक अकेले में बातें हुयी। चर्चा है वहां केवल कुछ चुनिंदा बहुत बड़े व्यापारी भी मौजूद थे। उस दिन क्या बात हुयी, मोदी जी क्यों गए, किसी को कुछ नहीं मालूम। उस दिन के बाद भी, जहाँ एक तरफ नवाज शरीफ और पाकिस्तान बार-बार हमारे देश पर हमले करवाते रहे, हमारे सैनिक शहीद होते रहे पर मोदी और नवाज की दोस्ती, बातें, मुलाकातें नहीं रुकी।

लाहौर वाली मुलाकात के चंद दिनों के अंदर हमारी वायुसेना के पठानकोट स्थित एयरबेस पर आतंकी हमला होता है। ये अब तक का हिंदुस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए सबसे बड़े हमलो में से एक था। पर इससे मोदी और नवाज शरीफ की दोस्ती का जादू कम नहीं हुआ, बल्कि और बढ़ा। इसके बाद जो हुआ, वो अकल्पनीय था, अविश्वसनीय था, शर्मनाक था। मोदी जी की सरकार ने पठानकोट हमले की जांच के लिए ISI को बुलाने का निर्णय कर लिया। उसी ISI को जिसने हमेशा हमारे देश पर हमला करवाया, सैनिको को मरवाया।

Also Read:  Punjab Congress to greet PM Modi in Ludhiana by burning 'Chitta Ravana'

वो ही ISI जिसने पठानकोट पर हमला करवाया। हम सब उस काले और घिनौने दिन के गवाह है, जिस दिन ISI के अधिकारी मुस्कुराते हुए पठानकोट एयरबेस के अंदर खुद के कराये हमले की जांच करने जा रहे थे और हमारी सेनाओं के वीर जवानों को ISI वालो को सुरक्षा देने के लिये लगाया हुआ था, जैसे किसी VIP की सुरक्षा की जाती है। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने खुलकर कहा कि भारत की ओर से ऐसी जांच करने के लिए किसी को पाकिस्तान नहीं आने दिया जायेगा।

इस सबके बावजूद भी मोदी और नवाज शरीफ की दोस्ती पर कोई फर्क नहीं पड़ा। शायद ऐसा कुछ नहीं जो इन दोनों के बीच कोई दूरी पैदा कर सके। चर्चा तो यहाँ तक है कि जितना समय अब तक मोदी जी नवाज शरीफ के साथ अकेले बातचीत करके वक़्त बिता चुके है, उतना समय तो उन्होंने कभी अपने गृहमंत्री या रक्षामंत्री के साथ भी नहीं बिताया।

क्या आपको पता है, 18 सितंबर के दर्दनाक हमले के बाद भी, जिसमे देश ने 17 जांबाज जवानों को खोया है, आज भी मोदी सरकार ने पाकिस्तान को Most Favoured Nation का दर्जा दे रखा है। सबसे पसंदीदा देश का दर्जा व्यापारिक रिश्तो के लिए। अब तो यह एक कड़वा सच है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कुछ भी दोस्ती की गुंजाईश नहीं है, कोई परदे के पीछे की कूटनीति काम नहीं आने वाली। अब समय आ गया है कि देश को बताया जाये कि इतने दिनों से मोदी जी और नवाज शरीफ के बीच क्या खिचड़ी पकाई जा रही थी।

Also Read:  इराक में नवंबर में 800 से अधिक मरे: संयुक्त राष्ट्र

अब वक्त है कि देश को भरोसे में लिया जाये कि क्या मोदी जी और नवाज शरीफ में कोई गुप्त डील हुयी है क्या? पिछले दिनों हुयी इतनी सारी गुप्त मुलाकातों में आखिर क्या बात हुयी, क्या निर्णय हुए, अब देश को बताये जाने चाहिये। देश को पूरा अधिकार है ये जानने का कि मोदी और नवाज शरीफ के बीच इस गहरे प्यार, सच्ची दोस्ती, अटूट भाईचारे का राज क्या है? आज जहाँ सारा हिंदुस्तान अपने 17 वीर जवानों की शहादत के शोक में डूबा हुआ है तब असली सवाल ये बाकि है कि क्या देश मोदी जी और नवाज शरीफ के बीच किसी गुप्त डील की कीमत तो नहीं चूका रहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here