क्या मध्य प्रदेश में BJP के नक्शेकदम पर चल रही है कांग्रेस? कथित गोहत्या मामले में ‘रासुका’ लगाए जाने पर भड़के राजदीप सरदेसाई, पत्रकारों सहित काटजू ने भी कमलनाथ सरकार की कार्रवाई को बताया ‘अवैध’

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मध्य प्रदेश की नवनिर्वाचित कमलनाथ सरकार इन दिनों सॉफ्ट हिंदुत्व के रास्ते पर चल रही है। सूबे में काग्रेंस के सत्ता संभालने के बाद पहली बार तीन मुसलमानों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA यानी रासुका) के तहत कार्रवाई की गई है। कांग्रेस सरकार द्वारा खंडवा में यह कार्रवाई कथित गोहत्या के आरोप में की गई है। कमलनाथ सरकार मुस्लिमों के खिलाफ उठाए गए इस सख्त कदम को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस सरकार की तीखी आलोचना हो रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता, वरिष्ठ वकील और पत्रकारों सहित अन्य लोग बीजेपी की तरह कांग्रेस पर भी ‘गाय के नाम राजनीति’ करने का आरोप लगा मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साध रहे हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के प्रशासन ने कथित गोहत्या के मामले में तीन मुस्लिम आरोपियों पर खतरनाक एक्ट रासुका के तहत कार्रवाई की है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद गोहत्या पर एनएसए की यह पहली कार्रवाई है। बताया गया कि गोवंश की हत्या से सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका थी।

राहुल गांधी से मांगा जवाब

कमलनाथ सरकार की इस कार्रवाई की सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से भर्त्सना की जा रही है। लोग कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं। लोगों का कहना है कि कांग्रेस भी सत्ता में आने के बाद बीजेपी की तरह सांप्रदायिकता की राह पर चल रही है। सीपीआई नेता और सांसद डी राजा ने इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से स्पष्टीकरण की मांग की है। राजा ने कहा कि बीजेपी से लड़ना अलग बात है, लेकिन आप इन चीजों को कैसे सहीं ठहरा सकते हैं? राहुल गांधी को अपनी सरकार के इस कदम पर जवाब देना चाहिए।

कमलनाथ सरकार पर भड़के पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता

देश के कई नामी पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ता ने ट्वीट कर कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री कमलनाथ की आलोचना की है। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने लिखा है, “अगर कांग्रेस गौ हत्या पर NSA लगाना चाहती है तो उन लोगों पर लगाए जिन्होंने गाय के नाम पर नफ़रत और हिंसा फैलाई है! गाय के नाम पर राजनीति बंद करें! किसान को आमदनी और युवा को नौकरी चाहिए! गौशाला बाद में!”

सरदेसाई एक अन्य ट्वीट में लिखते हैं, ‘कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश में गोहत्या के लिए रासुका लगा दिया गया? मुझे पता है कि एक जमाने में गाय और बछड़ा कांग्रेस का चुनाव चिह्न हुआ करता था, लेकिन अब लगता है कि देश गाय के हवाले हो चुका है और साथ ही कांग्रेस की शैली वाली ‘धर्मनिरपेक्षता’ की भी पोल खुल चुकी है।’ वहीं, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने भी ट्वीट कर रासुका लगाए जाने को पूरी तरह गलत करार दिया है। काटजू का कहना है कि मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा कथित गौ हत्या के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत तीन व्यक्तियों की गिरफ्तारी अवैध है।

एक और वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा ने लिखा है, “ये सरासर नाजायज है, जब आप गाय के लिये अपने राज्य के नागरिको पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगायेंगे @OfficeOfKNath (सीएम कमलनाथ)। पहले असल मुद्दो का समाधान निकाले जिसके लिये आपको चुना गया है।” इसके अलावा कई अन्य पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सीएम कलमनाथ के इस फैसले की आलोचना की है।

मोघाट की पुलिस ने राहुल उर्फ नदीम और शकील को शुक्रवार को खारकैली गांव से गिरफ्तार किया था। जबकि तीसरा आरोपी आजम मौके से फरार होने में कामयाब हो गया था, जिसे सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। खंडवा के एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने द इंडियन एक्सप्रेस से पुष्टि की है कि इन आरोपियों के खिलाफ एनएसए में कार्रवाई हुई है।

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