मृतक विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने की CBI जांच की मांग, 1 करोड़ मुआवजा और पुलिस विभाग में मांगी नौकरी

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के वीआईपी इलाके गोमती नगर क्षेत्र में शुक्रवार (28 सितंबर) रात जांच के दौरान कथित तौर पर गाड़ी नहीं रोकने वाले 38 वर्षीय एक व्यक्ति को गश्त कर रहे पुलिस कांस्टेबल ने गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान विवेक तिवारी के रूप में की गई है। वह अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी एप्पल में काम करता था। मृतक विवेक एप्पल कंपनी का एरिया मैनेजर था।

पुलिस ने बताया कि घटना मध्यरात्रि के बाद डेढ़ बजे के आसपास की है। गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मियों ने उसे वाहन रोकने के लिए कहा था। लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांस्टेबल ने मामला संदिग्ध देखकर वाहन पर गोली चला दी। गोली कार के शीशे को छेदती हुई तिवारी को जा लगी।

उन्होंने बताया कि इससे पहले तिवारी के वाहन ने पुलिसकर्मियों की मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी। वाहन एक खंभे से टकराया और तिवारी ने भागने का प्रयास किया। मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता लग सकेगी।
हालांकि, कांस्टेबल प्रशांत कुमार का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी।

पुलिस विभाग में नौकरी चाहती हैं विवेक की पत्नी कल्पना

मृतक विवेक तिवारी (जिनकी पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली से मौत हो गई थी) की पत्नी कल्पना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने 1 करोड़ रुपये मुआवजा और पुलिस विभाग में एक नौकरी की भी मांग की है।

SIT करेगी जांच

पुलिस के मुताबिक, आरोपी दोनों पुलिसवाले के खिलाफ हत्या मामाला दर्ज किया गया है और उन दोनों को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही एसपी क्राइम की निगरानी में एसआईटी गठित कर दी गई है। यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने विवेक तिवारी हत्या मामले में कहा कि यह दुखद घटना है। यह हत्या का मामला है और दोनों ही सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, लखनऊ के SSP कलानिधि नैथानी ने कहा कि इस मामले में एसपी अपराध के अंतर्गत SIT गठित की जा चुकी है। मैंने व्यक्तिगत तौर पर जिला मजिस्ट्रेट से मजिस्ट्रेट इंक्वायरी की मांग की है।

योगी ने कहा- यह एनकाउंटर नही है, जरूरत पड़ी तो होगी सीबीआई जांच

वहीं विवेक तिवारी की मौत के मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था। घटना की जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ, तो हम इस घटना की सीबीआई जांच का आदेश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया में जो दोषी थे वो गिरफ्तार हो चुके हैं। सीएम ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में पत्रकारों से बातचीत कर यह बात कही।

मृतक की पत्नी ने बताया हत्या

विवेक गाड़ी में अपनी दोस्त और कुलिग सना खान के साथ लौट रहे थे। सना ने आरोप लगाया है कि कॉन्स्टेबल ने बाइक दौड़ाकर विवेक के गले में गोली मारी। सना की शिकायत पर ही हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सना विवेक साथ आईफोन लांचिंग इवेंट से लौट रही थी।

वहीं मृतक की पत्नी ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए इस मामले को हत्या करार दिया है। विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा, ‘पुलिस मेरे पति को गोली कैसे मार सकती है। मैं यूपी के मुख्यमंत्री से मांग करती हूं कि वह आकर मेरी बात सुनें।’ वहीं, मृतक विवेक तिवारी के रिश्तेदार विष्णु शुक्ला ने कहा कि क्या वह आतंकवादी थे जो पुलिस ने गोली मार दी?

हालांकि लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि विवेक और सना को पुलिसवालों ने रोकने की कोशिश की लेकिन वे नहीं रुके। इस पर कॉन्स्टेबल ने गोली चला दी। इसके बाद घबराकर उनकी कार अंडरपास के पिलर से टकरा गई, जिसमें विवेक को गहरी चोट आई। पुलिस उसे अस्पताल ले गई जहां देर रात उसकी मौत हो गई।

आत्मरक्षा में चलाई गोली

वहीं, इस मामले में गोली चलाने वाले एक आरोपी कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई। प्रशांत ने कहा, ‘हम रात पेट्रोल ड्यूटी पर थे। रात के करीब डेढ़ बजे हमने एक संदिग्ध कार को देखा, जिसकी लाइट बंद थी। हम कार के नजदीक गए। जैसे ही हम पास गए, कार में बैठे शख्स ने गाड़ी चालू कर दी। हमने कार के सामने अपनी गाड़ी खड़ी की। कार ने हमारी बाइक को टक्कर मारी। हमने उसे रुकने को कहा। उसने कार को रिवर्स में किया और फिर से बाइक को टक्कर मारी। हम उसे बाहर निकलने के लिए कह रहे थे, लेकिन उसने तीसरी बार भी गाड़ी रिवर्स की और पूरी ताकत के साथ बाइक को टक्कर मारी। मैं जमीन पर गिर गया। उसके बाद में उठा और पिस्तोल निकाल कर उसे डराया। वह मुझे कुचलना चाह रता था, इसलिए मुझे आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी।’

 

 

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