मुजफ्फरनगर ट्रेन हादसा: रेलवे की बड़ी प्रशासनिक चूक से गईं 23 यात्रियों की जानें

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली में शनिवार(19 अगस्त) शाम पुरी-हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर जाने के कारण कम से कम 23 यात्रियों की मौत हो गई और 400 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए।खतौली मुजफ्फरनगर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को बचाव के काम में मदद करते देखा गया।

(PTI Photo)

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे की बड़ी प्रशासनिक चूक के कारण उत्कल एक्सप्रेस हादसा हुआ। जिस स्थान पर ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हुई, वहां ट्रैक मरम्मत का कार्य चल रहा था। जबकि नियमों के मुताबिक, ट्रैक मरम्मत होने पर ट्रेन प्रतिबंधित रफ्तार पर चलाई जाती है। लेकिन हादसे के वक्त उत्कल एक्सप्रेस 106 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी।

हिंदुस्तान में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन परिचानल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन लोको पॉयलेट राजेंद्र सिंह पाल व सहायक लोको पॉयलट रामाशीष (निजामुद्दीन मुख्यालय) चला रहे थे। दिल्ली से हरिद्वार जाते हुए उन्हें खतौली स्टेशन (मेरठ-सहारनपुर सेक्शन) के पास जोरदार झटका लगा।

सहायक लोको पॉयलेट रामशीष ने बताया कि जिस समय ट्रेन का झटका लगा, उस समय रफ्तार 106 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। उन्होंने बताया कि उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) शिवम द्विवेदी मौके पर मौजूद थे और ट्रैक मरम्मत का कार्य करा रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, मरम्मत करने की सूचना कंट्रोल रूम को नहीं दी गई। कंट्रोल रूम से ड्राइवरों को रफ्तार कम करने का संदेश दिया जाता है। लेकिन उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के ड्राइवरों को रफ्तार कम करने की सूचना नहीं मिली। यह सूचना लिखित, वाकीटॉकी अथवा ट्रैक पर लाल झंडी दिखाकर दी जाती है।

अखबार को सूत्रों ने बताया कि ट्रेन ड्राइवरों ने इस घटना की पूरी जानकारी रेलवे बोर्ड के एक सदस्य को दे दी है। हालांकि रेलवे प्रवक्ता ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। रेल मंत्रालय तोड़फोड़ की साजिश का पता लगा रहा है। रेलवे बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अरुणोंद्र कुमार ने कहा कि यदि परंपरागत कोच नहीं होते तो मृतकों की संख्या कम होती।

प्रिंसिपल सेक्रटरी के अनुसार रेवले ट्रैक पर रिपेयर कार्य की जानकारी ड्राइवर को नहीं थी और अचानक ब्रेक लगाए जाने के चलते ट्रेन पटरी से ही उतर गई। उन्होंने कहा कि मरम्मत के काम में जुटी टीम को मरम्मत कार्य के बारे में जानकारी देनी चाहिए थी।

मुआवजे का एलान

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्रेन हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं और किसी तरह की चूक का पता चलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रेल मंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन को 3.5 लाख रुपये का मुआवजा और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये, जबकि मामूली तौर पर घायलों को 25,000 रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया। वहीं, यूपी सरकार ने मृत व्यक्तियों के आश्रितों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की।

 

 

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