कैराना से हिन्दू समुदाय के पलायन पर भाजपा नेता हुकुम सिंह ने पलटी मारी , कहा ग़लती से ऐसा हो गया

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उत्तर प्रदेश के भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने ये कहकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था कि मुज़फ्फरनगर के कैराना में बड़े पैमाने पर हिन्दू पलायन करने पर मजबूर हुए हैं।

उनके उस विवाद बयान का जब सच सामने आया तो पता चला कि लोगों ने गाँव से पलायन किया तो ज़रूर है लेकिन वजह साम्प्रदायिक क़तई नहीं था।

गाँव छोड़ने के पीछे वजह आर्थिक स्थिति में सुधार की कोशिश थी और पलायन करने वालों में हिन्दू के साथ बहुत सारे मुस्लिम परिवार भी शामिल थे।
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हुकुम सिंह का ये झूट सबसे पहले एनडीटीवी इंडिया दिखाया गया जिसके बाद अब सांसद महोदय ने पैंतरा ही बदल दिया है।

अपने पहले के विवादित बयान से पलटते हुए हुकुम सिंह ने अब कहा है कि यह पूरा मामला सांप्रदायिक नहीं बल्कि अपराधियों से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने माना की उनकी लिस्ट में कुछ गड़बड़ी हो सकती है और अगर यह सच साबित होता है तो उन्हें माफ़ी मांगने से भी परहेज नहीं है। सिंह ने कहा कि शब्द हिन्दू उनके एक स्टाफ ने ग़लती से लिस्ट में लिख दिया था।

हुकुम सिंह ने कहा कि जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है। कैराना में हिन्दू-मुस्लिम समस्या नहीं है। असल में कैराना में अपराधियों का आतंक है। कैराना में पुलिस प्रशासन पूरी तरह विफल है।

हुकुम सिंह के इस बयां पर RSS और भाजपा ने जमकर ध्रुवीकरण की राजनीति शुरू कर दी थी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कल इलाहाबाद की रैली में कैराना मामले को आंख खोलने वाला बताया था।

उत्तर प्रदेश में अगले चुनाव है और ध्रुवीकरण की राजनीति से भाजपा को हमेशा फायदा पहुंचा है। 2014 के लोकसभा चुनवा से पहले भी भाजपा के विरोधियों ने पार्टी पर मुज़फ्फरनगर दंगे कराकर माहौल को विषैला बनाने का आरोप लगाया था।

मुज़फ्फरनगर दंगे के सिर्फ चाँद महीने पहले ही अमित शाह को उत्तर प्रदेश में भाजपा का प्रभारी बनाया गया था।

मुज़फ्फरनगर दंगे के कुछ ही महीने बाद लोक सभा चुनाव हुए और भाजपा को 80 में से 71 सीटों पर जीत मिली। हुकुम सिंह जिनपर मुज़फ्फरनगर दंगा में भड़काऊ भाषण देने के आरोप लगे थे भी सांसद बन्ने वालों में से एक थे।

  • Javed

    Mera salam sir..