गोरखपुर में नवजातों की मौत को नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी ने बताया नरसंहार

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उत्तर प्रदेश के बदहाल अस्पतालों की पोल खुलने के बाद योगी सरकार बचाव की मुद्रा में आ गई है। टीवी चैनल्स पर सरकार के मंत्री और प्रवक्ताओं ने यूपी के पिछले 10 वर्षो पर सारा ठिकरा फोड़ना शुरू कर दिया है। जबकि इसम मामले में नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा- यह हादसा नहीं, नरसंहार है।

कैलाश सत्यार्थी

बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में 48 घंटे के दौरान 36 मासूमों की मौत ने सबको झकझोर दिया है। लेकिन सरकार और प्रशासन अपनी किसी भी कमी और लापरवाही की बात से पल्ला झाड़ रही है। नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया ट्विटर पर दी है। उन्होंने कहा है कि बिना ऑक्सीजन के 30 बच्चों की मौत हादसा नहीं, हत्या है। क्या हमारे बच्चों के लिए आजादी के 70 सालों का यही मतलब है।

तीन दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां का दौरा किया था। लेकिन मीडिया जब आज वहां पहुंचा तो देखा कि अस्पताल के डाक्टरों ने नवजात को ज़मीन पर बाहर लेटा रखा था जबकि परिवार वाले उनसे गुहार लगा रहे थे कि बच्चें को ICU में रख लिजिए। मीडिया में दिखाई गई इस रिपोर्ट ने अस्पताल प्रशासन की पोल खोल दी है।

गोरखपुर

कैलाश ने एक और ट्वीट में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए लिखा है कि आपका एक निर्णायक हस्तक्षेप दशकों से चली रही भ्रष्ट स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक कर सकती है ताकि  ऐसी घटनाओं को आगे रोका जा सके.

48 घंटों के बीच हुई इन मौतों की आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है लेकिन कहा जा रहा है कि इसके पीछे ऑक्सीजन की कमी एक मुख्य कारण है। इस पूरे मामले में सरकार और प्रशासन ने बचाव का पक्ष अपनाया हुआ है। गोरखपुर के जिलाधिकारी बच्चों की मौत की सही वजह बताने के लिए जांच की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे है जबकि यूपी के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन भी ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से मौत से इनकार कर रहे हैं।

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