#BHU_लाठीचार्ज: VC ने दिए न्यायिक जांच के आदेश, रिटायर्ड जज के नेतृत्व में कमेटी गठित

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उत्तर प्रदेश में स्थित बनारस के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय(BHU) में कथित छेड़खानी के विरोध में और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर पुलिस द्वारा 23 सितंबर की रात हुए लाठीचार्ज के मामले की न्यायिक जांच कराई जाएगी। मामले की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज वी. के. दीक्षित की अध्यक्षता वाली एक सदस्यीय समिति करेगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों की टीम में महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा।

Photo: PTI

विश्वविद्यालय के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने मंगलवार(26 सितंबर) को बताया कि कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कल रात यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. के. दीक्षित की अगुवाई में एक न्यायिक जांच समिति गठित की जाएगी। यह समिति गत 23 सितंबर की रात की घटना सहित पूरे मामले की जांच करेगी।

न्यूज एजेंसी वार्ता के मुताबिक, डॉ. सिंह ने न्यायिक जांच शुरू करने एवं उसकी रिपोर्ट आने की कोई निश्चित तारीख या समय की जानकारी नहीं दी है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर छाओं एवं पाकारों पर 23 सितंबर की रात लाठीचार्ज की घटना की मजिस्ट्रियल जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) मुनीन्द्र नाथ उपाध्याय द्वारा की जा रही है।

कमिश्नर ने सौंपी जांच रिपोर्ट

इस बीच छेड़खानी के विरोध में और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए लाठीचार्ज मामले में वाराणसी के कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने मंगलवार(26 सितंबर) को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी। इस रिपोर्ट में उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासन को दोषी ठहराया है।

कमिश्नर गोकर्ण ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव राजीव कुमार को सौंपी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएचयू प्रशासन ने पीड़िता की शिकायत को संवेदनशील तरीके से नहीं संभाला, न ही स्थिति को सही वक्त पर संभाला। इसी वजह से इतना बड़ा बवाल हुआ। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को कमिश्नर के पास 27 लोगों ने बयान भी दर्ज कराया है।

कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद माना जा रहा है कि योगी सरकार जल्द ही पुलिस और प्रशासन के बड़े अफसरों पर कार्रवाई कर सकता है। उधर, चौतरफा आलोचनाओं के बाद वाइस चांसलर भी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। घटना के तीसरे दिन महामना की मूर्ति पर कालिख पोतने की तहरीर दी गई।

बता दें कि बीएचयू में गुरुवार को हुई कथित छेड़खानी के विरोध में धरना प्रदर्शन के बाद शनिवार देर रात पूरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया। शनिवार की रात कुलपति आवास के पास पहुंचे छात्र और छात्राओं पर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कुछ छात्र घायल हो गए।

BREAKING: बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में छात्राओं पर लाठी चार्ज, वाईस चांसलर पर आरोप, लडकियां कर रही थी कैंपस में एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ का विरोध। रिपोर्ट्स के अनुसार जब छात्रा ने यूनिवर्सिटी प्रशासन से अपने साथ हुए छेड़छाड़ की शिकायत की तो उन्होंने ने उलटा लड़की को ही बुरा भला कहना शुरू कर दिया।

Posted by जनता का रिपोर्टर on Saturday, 23 September 2017

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