CM योगी आदित्यनाथ से पत्रकारों को सवाल पूछने की नहीं दी गई इजाजत

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योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सोमवार (26 जून) को 100 दिन पूरे हो गए। बीजेपी सरकार ने 19 मार्च 2017 को कामकाज संभाला था। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने 403 सदस्यीय विधानसभा में 325 सीटों पर विजय हासिल की थी। सरकार के इन 100 दिनों के कार्यकाल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।

फाइल फोटो।

सरकार के 100 दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार(27 जून) को प्रेस कॉन्फेंस कर अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस रिपोर्ट कार्ड के जरिए उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर उन्होंने ‘100 दिन विश्वास के’ नाम की एक बुकलेट भी जारी किया।

हालांकि, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह ही सीएम योगी आदित्यनाथ भी मीडिया के सवालों से बचते हुए किसी भी पत्रकार को सवाल पूछने की इजाजत नहीं दी। पत्रकारों को उम्मीद थी कि रिपोर्ट कार्ड पेश करने के बाद सीएम योगी से सवाल पूछने का मौका मिलेगा, लेकिन इसके उलट मीडिया को सवाल पूछने ही नहीं दिया गया। जिसे लेकर पत्रकारों ने नाराजगी व्यक्त की है।

करीब 15 मिनट तक योगी आदित्यनाथ ने अपनी उपलब्धियों के बारे में बताया और खुद अपनी पीठ थपतपाते हुए कहा कि वह अपनी सरकार के कार्यों से संतुष्ट हैं। इसके बाद योगी अपनी बात रखकर हाथ जोड़कर चल दिए। इस दौरान पत्रकारों ने जब सवाल पूछने की कोशिश की तो उन्हें इजाजत नहीं दी गई।

इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 100 दिन की अवधि बहुत कम है, लेकिन उन्हें अपनी सरकार की अब तक की उपलब्धियों पर संतोष का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्मशती वर्ष है और राज्य सरकार उनके अंत्योदय के सपने को पूरा करने के कृत संकल्पित है।

पढ़िए, कैसा रहा योगी सरकार के 100 दिन?

कर्जमाफी का एलान

चुनाव पूर्व अपने वादे के अनुरूप योगी सरकार ने किसानों की कर्ज माफी का ऐलान किया। इसमें लघु एवं सिमांत किसानों द्वारा लिए गए एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए गए। इस फैसले से राजकोष पर 36,369 करोड़ रुपये का बोझ आया।

हालांकि, इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था कैसे होगी इसके लिए एक कमिटी बनी है, जो रास्ते सुझा रही है। इसके अलावा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने से भी 34,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा। पूर्वाचल एक्सप्रेसवे के लिए धन जुटाना भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती रही।

गड्ढा मुक्त सड़कों का वादा पूरा नहीं कर पाई सरकार

उत्तर प्रदेश में सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोक निर्माण विभाग को आदेश दिया था कि 15 जून 2017 तक हर किसी भी हालत में राज्य की सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया जाए। हालांकि सरकार ने स्वीकारा कि इस दिशा में केवल 63 प्रतिशत कार्य ही किया जा सका। ऐसे ही बीजेपी ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का वादा किया है, लेकिन अभी इस योजना को लेकर किसी तारीख का ऐलान नहीं किया गया।

कानून-व्यवस्था संभालने मे फेल

कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पूर्व की सपा सरकार को निशाने पर लेने वाली बीजेपी की अपनी सरकार के समय कई जातीय एवं सांप्रदायिक संघर्ष हुए। योगी सरकार के अब तक के कार्यकाल के दौरान पहले 100 दिन अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए संघर्ष करते बीते। बहरहाल, मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने उत्तर प्रदेश में सपा के जंगलराज का हवाला देते हुए व्यवस्था सुधारने के काम के लिए और समय की मांग की।

 

 

 

 

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