सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले में मीडिया पर प्रतिबंध को लेकर पत्रकारों ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती

0

पत्रकारों ने सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले बॉम्बे हाईकोर्ट में मुकदमे की रिपोर्टिंग पर पाबंदी लगाने के जज के फैसले को चुनौती दी है। पत्रकारों ने कहा है कि यह मामला लोगों से जुड़ा है और इसमें कई पूर्व पुलिस अधिकारी आरोपी हैं इसलिए मामले में मौके पर कवरेज बहुत जरूरी है।

याचिका में महाराष्ट्र सरकार, जांच एजेंसी सीबीआई और मामले में 23 आरोपियों को पार्टी बनाया गया है। मुंबई के कुल 9 पत्रकारों ने मिलकर याचिका दायर की है जो शहर के प्रमुख अखबार, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल और वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुंबई के कुल 9 पत्रकारों ने मिलकर याचिका दायर की है। याचिका में महाराष्ट्र सरकार, जांच एजेंसी सीबीआई और मामले में 23 आरोपियों को पार्टी बनाया गया है।

NDTV के मुताबिक, मामले में गुजरात के तत्कालीन गृहमंत्री अमित शाह और राजस्थान के भी एक मंत्री के साथ कई बड़े पुलिस अधिकारियों के शामिल होने और गुजरात मे निष्पक्ष मुकदमा ना हो पाने की आशंका के चलते पीड़ितों की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर मुकदमा मुंबई में हस्तातंरित कर दिया गया।

अब तक अमित शाह, गुलाब चंद कटारिया जैसे नेता और डीजी वंजारा जैसे कई दूसरे पुलिस वालों के खिलाफ आरोप खारिज हो चुके हैं लेकिन अब भी 25 के करीब पुलिस वाले मामले में आरोपी हैं।

बता दें कि सोहराबुद्दीन उनकी पत्नी कौसर बी और तुलसीदास प्रजापति की हत्या में कथित तौर पर गुजरात पुलिस के अधिकारियों का हाथ था। इसे लेकर 23 पूर्व पुलिस अधिकारियों पर मामला चल रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here