उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पत्रकार और उसकी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या

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उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर हमले का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसका ताजा मामला एक बार फिर से सामने आया हैं। एक हिन्दी दैनिक में संवाददाता रह चुके एक पत्रकार और उसकी पत्नी को सोनभद्र जिले के बरवाडीह गांव में बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला गया। ये घटना 16 नवंबर की है, घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

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प्रतिकात्मक फोटो

पीड़ित उदय पासवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी शीतला ने मंगलवार को वाराणसी के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना की वजह एक पूर्व ग्राम प्रधान के साथ पुरानी दुश्मनी है। मृतक ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को खतरे में देखकर पुलिस से संपर्क भी किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब 3 पुलिस कर्मियों को हटाया गया है।

सोनभद्र के एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बुधवार को कहा, इस संबंध में कोन पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर, एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। 6 आरोपियों में से 5 को गिरफ्तार भी कर लिया गया है, मुख्य आरोपी गांव का पूर्व प्रधान केवल पासवान फरार है, उसे पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।

आरोपियों से धमकी मिलने के बाद उदय और उनकी पत्नी शीतला सोमवार सुबह कोन पुलिस स्टेशन गए थे। जब वे शाम को मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे, उन पर लाठी और डंडों से हमला किया गया। दंपति मदद के लिए पुकारते रहे लेकिन कोई आगे नहीं आया। उदय की मौके पर ही मौत हो गई और शीतला को गंभीर चोटें आईं और मंगलवार की शाम को उसने भी दम तोड़ दिया। उदय के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

श्रीवास्तव ने कहा, उदय के बेटे विनय पासवान की शिकायत पर पूर्व ग्राम प्रधान केवल पासवान, उनकी पत्नी कौशल्या, बेटे जितेंद्र, गब्बर, सिकंदर और उनके प्रतिनिधि एलाक आलम के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया है। केवल और उसके परिवार के साथ उदय के परिवार की दुश्मनी थी। 2016 और 2018 में भी दोनों के खिलाफ मामले दर्ज हुए थे।

विनय ने कहा, मेरे पिता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी शिकायत की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश जारी होने के बावजूद सोनभद्र पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। (इंपुट: आईएएनएस के साथ)

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