सऊदी अरब सरकार ने माना, इस्तांबुल स्थित वाणिज्य दूतावास में मारे गए पत्रकार जमाल खाशोगी

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सऊदी अरब ने पुष्टि करते हुए कहा है कि लापता पत्रकार और वाशिंगटन पोस्ट के स्तभंकार जमाल खशोगी की मौत इस्तांबुल में देश के वाणिज्यिक दूतावास में सऊदी अरब के दर्जनभर अधिकारियों के साथ झड़प के बाद हुई। सीएनएन के मुताबिक, सऊदी अरब के सरकारी टीवी ने शुक्रवार रात को इसकी पुष्टि की।

यह तुर्की में 18 दिन पहले हुई जमाल खशोगी की मौत को लेकर पहली आधिकारिक पुष्टि है और पहली बार सऊदी अरब ने इसमें अपनी भागीदारी को स्वीकार किया है।

पत्रकार
Jamal  Khashoggi

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक बयान के अनुसार, “सऊदी अरब ने इस मामले में हुए पीड़दायक घटनाक्रमों पर गहन खेद जताते हुए कहा कि इस मामले को स्पष्ट रूप से जनता के सामने रखा जाएगा और इसमें शामिल लोगों को कानूनी कठघरे में खड़ा किया जाएगा।” बयान में स्वीकार किया गया कि वाणिज्यिक दूतावास में झड़प के दौरान खाशोग्गी की मौत हो गई। वह यहां अपनी मंगेतर हेटिस केनजिग से शादी के लिए जरूरी कागजात बटोरने आए थे जबकि इस पूरे प्रकरण के दौरान उनकी मंगेतर दूतावास के बाहर कार में बैठी उनका इंतजार कर रही थी।

इस संबंध में पांच उच्चस्तरीय अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है, जिसमें सऊदी अरब की खुफिया एजेंसी के उप-प्रमुख भी हैं। वहीं 18 को हिरासत में लिया गया है। प्राथमिक जांच से पता चला है कि एक संदिग्ध खाशोग्गी से मिलने के इरादे से इस्तांबुल गया था।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें सऊदी अरब का यह दावा विश्वसनीय लगता है। उन्होंने सऊदी अरब के आधिकारिक बया को एक अच्छा कदम बताते हुए कहा कि सऊदी अरब के अधिकारियों से चर्चा जारी जाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि हम इस बड़ी समस्या को ख्तम करने के करीब पहुंच गए हैं।” उन्होंने कहा कि सऊदी अरब मध्यपूर्व में हमारा सबसे बड़ा साझेदार है लेकिन जो कुछ भी हुआ, वह अस्वीकार्य है। खाशोग्गी के लापता होने के बाद से ही सऊदी अरब तनाव और विवादों से घिरा हुआ था।

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