जेएनयू में दशहरे पर पीएम मोदी का पुतला जलाए जाने की घटना पर जांच का आदेश

0
>

दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं को रावण बताकर विद्यार्थियों के एक वर्ग द्वारा उनके पुतले विश्वविद्यालय परिसर में जलाए जाने की घटना की जांच के आदेश जेएनयू प्रशासन ने दे दिए हैं।

दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं को रावण बताकर विद्यार्थियों के एक वर्ग द्वारा उनके पुतले विश्वविद्यालय परिसर में जलाए जाने की घटना की जांच के आदेश जेएनयू प्रशासन ने दे दिए हैं।

Also Read:  Are decisions taken by Cabinet being implemented, Modi asks ministers

मंगलवार रात को जिन पुतलों को परिसर में जलाया गया उनमें से एक पर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर जगदेश कुमार की तस्वीर भी लगाई गई थी।

Narendra Modi

जगदेश कुमार ने कहा, ‘‘पुतले जलाने की घटना की जांच का आदेश दे दिया गया है. हम इस मामले को देख रहे हैं।’’

इससे एक हफ्ते पहले विश्वविद्यालय ने गुजरात सरकार और गौरक्षकों के पुतले जलाए जाने के मामले में प्रॉक्टर से जांच करवाने के आदेश दिए थे और इससे संबंधित विद्यार्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

Also Read:  डी एन ए बिहार चुनाव का अब तक का सब से बड़ा मुद्दा, नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी पर हमला तेज़ किया

देशभर में दशहरे पर जहां ज्यादातर स्थानों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और विभिन्न आतंकी संगठनों के मुखियाओं के चेहरे लगाए गए थे वहीं कांग्रेस से संबद्ध संगठन एनएसयूआई ने प्रधानमंत्री और भाजपा प्रमुख अमित शाह के पुतले रावण के तौर पर जलाए।

भाषा की खबर के अनुसार, उन्होंने दावा किया कि ऐसा केंद्र द्वारा विश्वविद्यालय का सम्मान नहीं करने और देशभर के शैक्षणिक संस्थानों पर लगातार किए जा रहे हमलों के विरोध में किया गया है।

Also Read:  Organisation headed by sacked RSS chief in Goa to float new party

विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस कार्यक्र म के लिए अनुमति नहीं ली गई थी।प्रधानमंत्री और अमित शाह के अलावा जलाए गए पुतलों पर योग गुरू बाबा रामदेव, साध्वी प्रज्ञा, नाथूराम गोडसे, आसाराम बापू और विविद्यालय के वाइस चांसलर की तस्वीरें भी थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here