#JKRImpact: राफेल डील को लेकर जेटली का अजीबोगरीब जवाब, बोले- ढाई साल बाद क्यों उठाया गया मुद्दा?

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‘जनता का रिपोर्टर’ द्वारा राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे को लेकर किए गए खुलासे के बाद राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। इस खुलासे के बाद कांग्रेस इस सौदे को लेकर मोदी सरकार को लगातार कठघरे में खड़ा कर रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दो दिन पहले ही 25 नवंबर को ‘जनता का रिपोर्टर’ की खबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल पूछे।हालांकि इस मामले में पिछले दिनों रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सफाई देते हुए सरकार का बचाव किया था, लेकिन पीएम मोदी ने इस मामले पर अभी तक चुप्पी नहीं तोड़ी है। इस बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार का बचाव करते हुए राफेल डील पर अजीबोगरीब जवाब दिया है। जेटली का कहना है कि राफेल डील का मुद्दा ढाई साल बाद क्यों उठाया गया है, इसका मतलब है कि कांग्रेस बेकार का मुद्दा उठा रही है।

रविवार (26 नवंबर) को ABP न्यूज को दिए इंटरव्यू में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राफेल डील का मुद्दा ढाई साल बाद क्यों उठाया गया? इसका मतलब है कि कांग्रेस बेकार का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने कहा कि, ‘ढाई साल पहले डील हुई, कांग्रेस को ये बात अब समझ आ रही है। अप्रैल 2015 में हुई डील की गड़बड़ी काग्रेस को नवंबर 2017 में समझ आई?

उन्होंने कहा कि ये बेबुनियाद विषय है। मैं भी दो बार रक्षा मंत्री रहा हूं, हमारे जवान कहते हैं कि हमें ऐसे फाइटर जेट चाहिए। ये एक गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट डील है, बीच में कोई नहीं है। जेटली ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में तो कभी क्वात्रोची या कोई और बिचौलिया होता था। एयरफोर्स प्रमुख ने कहा है कि हमें यही विमान चाहिए।’

राहुल गांधी ने साधा निशाना, PM मोदी से पूछे 3 सवाल

बता दें कि जनता का रिपोर्टर की खबर का हवाला देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं। दो दिन पहले ही शनिवार को गुजरात में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला और आरोप लगाया कि मोदी अपने गृह राज्य गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले करोड़ों रुपये के राफेल सौदे तथा जय शाह मुद्दे के पीछे की सच्चाई को सामने नहीं आने देना चाहते।

साथ ही कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि राजग सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में विलंब कर रही है, क्योंकि मोदी गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले सदन में राफेल और जय शाह से संबंधित मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहते।गांधीनगर जिले में यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, मैं मोदी जी से (राफेल मुद्दे पर) तीन सवाल पूछूंगा।

राहुल ने सवाल पूछा कि, क्या पहले और दूसरे सौदे (फ्रांसीसी कंपनी के साथ) में विमानों की कीमतों में अंतर है और क्या भारत ने दूसरे सौदे के अनुरूप अधिक या कम धन का भुगतान किया? उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या उद्योगपति (अनिल अंबानी) जिसकी कंपनी ने फ्रांसीसी कंपनी के साथ संयुक्त उपक्रम स्थापित किया है, जिसे सौदा दिया गया, ने कभी विमानों का विनिर्माण किया?

कांग्रेस नेता ने यह भी जानना चाहा कि राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए पिछले साल फ्रांस के साथ सौदा करते समय क्या यथोचित प्रक्रिया का पालन किया गया। उन्होंने कहा कि और एक अधिक महत्वपूर्ण सवाल, क्या आपने यथोचित सरकारी प्रक्रिया का पालन किया? (तत्कालीन) रक्षामंत्री (मनोहर पर्रिकर) गोवा में मछली पकड़ते क्यों दिखे थे और क्या बड़े सौदे के लिए सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडल समिति से मंजूरी ली गई थी?

राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इस डर की वजह से इन सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं कि उनके गृह राज्य में महत्वपूर्ण चुनाव से पहले सचाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी इन सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं, क्योंकि वह चाहते हैं कि राफेल और जय शाह से संबंधित मुद्दों का सच गुजरात चुनाव से पहले जनता के सामने नहीं आना चाहिए।

 

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