जम्मू-कश्मीर में सीजफायर समाप्त: आतंकवादियों के खिलाफ फिर शुरू होंगे अभियान, राजनाथ सिंह ने सेना को दिया आदेश

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने रमजान के महीने में जम्मू-कश्मीर में लागू किए गए सीजफायर को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार (17 जून) को इसकी घोषणा करते हुए सेना को आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन को पहले की तरह चलाने का आदेश दिया है। सेना अब फिर से आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरू करेगी। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कहा है कि आतंकवादियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को सभी जरूरी कदम उठाने की छूट है।

File Photo: AP

दरअसल मोदी सरकार ने 16 मई को रमजान माह के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई एक महीने निलंबित करने का फैसला किया था, ताकि वहां की जनता शांतिपूर्ण ढंग से रमजान मना सके।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को घोषणा की कि आतंकवादियों के खिलाफ घाटी में निलंबित सुरक्षा बलों की कार्रवाई की अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद घाटी में रमजान माह के दौरान आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की निलंबित कार्रवाई अब फिर शुरू हो जाएगी।

गृह मंत्री ने ट्वीट कर जानकारी दी कि आतंकवादियों के खिलाफ संघर्ष विराम को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान संघर्ष विराम के केंद्र सरकार के फैसले की चौतरफा प्रशंसा हुई। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह फैसला मुस्लिम समुदाय के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से रमजान मनाने के लिए किया था। सिंह ने सुरक्षा बलों ने सरकार के इस निर्णय को बहुत ही धैर्यपूर्ण ढंग से अमल किया और उनकी इस कोशिश की हम सराहना करते हैं। सुरक्षा बलों ने संघर्ष विराम के दौरान बहुत ही धैर्य एवं संयम दिखाया।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय का घाटी के साथ-साथ पूरे देश के लोगों ने भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद थी कि उसकी इस पहल को सफल बनाने में हर कोई योगदान देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रमजान के पवित्र महीने में भी आतंकवादी अपनी ‘नापाक’ हरकतों से बाज नहीं आए।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बात की घोषणा करते हुए ट्वीट किया कि 17 मई 2018 को, भारत सरकार ने निर्णय लिया कि सुरक्षा बल रमजान के पवित्र महीने के दौरान जम्मू-कश्मीर में अभियान नहीं चलाएंगे। यह निर्णय जम्मू-कश्मीर के शांतिप्रिय लोगों के हित में लिया गया ताकि उन्हें रमजान के दौरान एक अनुकूल महौल प्रदान किया जा सके। उन्होंने लिखा कि मुस्लिम भाइयों और बहनों को शांतिपूर्ण तरीके से रमजान मनाने के लिए सुरक्षाबलों ने सरकार के फैसले को जैसे लागू किया, हम उसकी सराहना करते हैं।

सिंह ने ट्वीट कर कहा,“सुरक्षा बलों को निर्देश दिया जाता है कि वे घाटी में अमन-चयन बनाए रखने तथा आतंकवादियों के हमलों, हिंसा और हत्या को रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएं।” उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद एवं हिंसा मुक्त बनाने के लिए वचनबद्ध है। बता दें कि सरकार के रमजान माह के दौरान घाटी में संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूद आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई। इस दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का कोई मौका नहीं गंवाया।

ईद से एक दिन पहले ‘राइजिंग कश्मीर’ के संपादक सुजाअत बुखारी की सरेआम हत्या कर दी गई। इस घटना में बुखारी के दो अंगरक्षक भी मारे गए। वही ईद मनाने के लिए छुट्टी जा रहे जवान औरंगजेब को आतंकवादियों ने अगवा कर लिया और उनकी हत्या कर दी। बुखारी और जवान औरंगजेब की हत्या के बाद घाटी में संघर्ष विराम को लेकर सरकार निशाने पर थी। राजनाथ सिंह ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संघर्ष विराम के फैसले लेकर बातचीत की थी।

 

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