झारखंड: मुस्लिम शख्स की पीट-पीटकर हत्या मामले में BJP नेता सहित 11 ‘गौरक्षक’ दोषी करार

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झारखंड की एक अदालत ने शु्क्रवार (16 मार्च) को पिछले साल कथित तौर पर गोमांस का कारोबार करने के आरोप में एक मुस्लिम शख्स की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में 11 कथित गौरक्षकों को दोषी करार दिया है। अदालत अलीमुद्दीन अंसारी की हत्या के दोषी पाए गए इन 11 गोरक्षकों को 21 मार्च को सजा सुनाएगी। बता दें कि पिछले साल 29 जून को राज्य के मनुवा निवासी अलीमुद्दीन अंसारी की कथित गौ रक्षकों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

Lynching
File Photo: NDTV

बीबीसी के मुताबिक इन आरोपियों में से तीन लोगों के खिलाफ मुस्लिम शख्स की हत्या की साजिश रचने का भी दोष सिद्ध हुआ है। बीबीसी के मुताबिक दोषी पाए गए लोगों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रामगढ़ ज़िला इकाई के मीडिया प्रभारी नित्यानंद महतो भी शामिल हैं। बाकी के अभियुक्त गौ रक्षा समिति से जुड़े हुए हैं।

अदालत ने यह माना है कि यह एक पूर्व नियोजित हमला था। कोर्ट अब 21 मार्च को इनकी सज़ा के बिंदुओं पर विचार करेगा। इस मामले की सुनवाई रामगढ़ के ज़िला व सत्र न्यायाधीश ओम प्रकाश की अदालत में चल रही थी। हाईकोर्ट के आदेश पर इस मुकदमे की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाया गया था। देश में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जहां कोर्ट ने गौरक्षकों को हत्या का दोषी माना है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में मुख्य आरोपी छोटू वर्मा, दीपक मिश्रा और संतोष सिंह के अलावा बीजेपी नेता नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, उत्तम राम, विक्रम प्रसाद, राजू कुमार, रोहित ठाकुर, और कपिल ठाकुर को कोर्ट ने धारा 147, 148, 427/149, 135/149, 302/149 के तहत दोषी करार दिया। इसमें तीनों मुख्य आरोपी को धारा 120 (बी) के तहत भी दोषी पाया गया है।

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Posted by जनता का रिपोर्टर on Thursday, June 29, 2017

सभी आरोपियों के खिलाफ मजमा लगाकर दंगा भड़काने, मारपीट, आगजनी और हत्या का दोष साबित हुआ। मुख्य आरोपी को घटना का मुख्य षड्यंत्रकारी पाया गया। इसके अलावा एक आरोपी को कोर्ट ने अवयस्क पाया। उसके मामले को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के हवाले कर दिया गया। हालांकि अपर लोक अभियोजक ने दलील दी कि उसकी उम्र भी 16 वर्ष से ज्यादा है। इसलिए उसके खिलाफ भी दूसरे आरोपियों के तरह की कार्रवाई की जाए।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि झारखंड के रामगढ़ में पिछले साल 29 जून 2017 को अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी की हत्या कर दी गई थी। तब पुलिस ने अपनी जांच में माना था कि गौ-रक्षकों के एक दल ने अलीमुद्दीन का 15 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद बाजाटांड़ इलाके में भीड़ देखकर उसके द्वारा गौमांस ले जाने का हल्ला किया। इसके बाद भीड़ में शामिल लोगों ने अलीमुद्दीन की सरेआम पीट-पीटकर बुरी तरह घायल कर दिया। जिसने बाद में रांची के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। लोगों ने उसकी गाड़ी भी फूंक दी थी। अलीमुद्दीन अंसारी गिद्दी थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। यह हत्याकांड पूरे देश में चर्चित हुआ था।

 

 

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