जेट एयरवेज में बम की धमकी देने वाला बिरजू सल्ला ने गूगल ट्रांसलेट के जरिए की सांप्रदायिक रंग देने की नाकाम कोशिश

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जेट एयरवेज के मुंबई से दिल्ली जा रहे एक विमान को सोमवार तड़के सुरक्षा कारणों से अहमदाबाद के लिए डायवर्ट कर दिया गया। जेट एयरवेज के विमान के टॉयलट में एक यात्री ने एक धमकी भरा खत रख दिया था। इस प्रकरण के पीछे कथित रूप से शामिल बिरजू किशोर सल्ला को अहमदाबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बिरजू गुजराती जौहरी है जो मुंबई में रहता है।  मुंबई से दिल्ली जा रही जेट एयरवेज की उड़ान उस वक्त अहमदाबाद में आपात स्थिति में उतरी जब उसके शौचालय में एक नोट मिला और उस पर लिखा था कि विमान में अपहर्ता हैं एवं बम है। उड़ान 9w 339 रात 2.55 पर 115 यात्रियों एवं चालक दल के सात सदस्यों को लेकर मुंबई रवाना हुई थी और यह नोट मिलने के बाद वह करीब पौने चार बजे प्रात: अहमदाबाद में उतरी।

मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले इस विमान की लैंडिग के बाद इसमें मौजूद सात क्रू मेंबर और 115 यात्रियों को इससे बाहर निकाला गया जिसके बाद इन सभी की जांच की गई। विमान के टॉयलट में सल्ला बिरजू नाम के यात्री ने एक धमकी भरा खत रख दिया था।

इस धमकी भरे पत्र में लिखा था कि अपहरणकर्ताओं ने विमान को अपने घेरे में ले लिया है और दिल्ली में इसे नहीं उतरना चाहिए। इस विमान को सीधे पाक अधिकृत कश्मीर ले जाना चाहिए। खत मिलने के बाद विमान को अहमदाबाद के सरदार बल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए डायवर्ट किया गया।

गूगल ट्रांसलेट का लिया सहारा

बिरजू द्वारा जो धमकी भरा पत्र लिखा गया है वह इंग्लिश में है, जबकि उसी पत्र को गूगल ट्रांसलेट के जरिए उर्दू में भी अनुवाद किया गया है। इसमें लिखा था, ‘अपहरणकर्ताओं ने विमान को अपने घेरे में ले लिया है और दिल्ली में इसे नहीं उतरना चाहिए। इस विमान को सीधे पाक अधिकृत कश्मीर ले जाना चाहिए।’

दरअसल, अंग्रेजी में लिखे इस पत्र को उर्दू में अनुवाद करने का कोई मतलब ही नहीं था। क्योंकि इस पत्र को उर्दू में अनुवाद करने का एक ही मकसद था कि इसे किसी मुस्लिम ने लिखा है। पत्र के आखिरी में भी ‘अल्लाह महान है’ लिखा हुआ है। 

नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट को देखकर बता चलता है कि गूगल ट्रासलेट के जरिए पत्र का अंग्रेजी से उर्दू में अनुवाद कर एक खतरनाक साजिश रचने की नाकाम कोशिश की गई थी। अंग्रेजी से उर्दू में अनुवाद कर यह संदेश देने की नाकाम कोशिश की गई कि यह धमकी किसी मुस्लिम संगठन द्वारा दी गई है। क्योंकि बिरजू ने जो अनुवाद किया है वह हूबहू गूगल ट्रांसलेट से अनुवाद किया गया है। 

NIA करेगी जांच

इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के प्रमुख वाई सी मोदी ने सोमवार को कहा कि एजेंसी गुजरात सरकार के संपर्क में है और वह अहमदाबाद में जेट एयरवेज के विमान की आपात लैंडिंग के मामले को हाथ में ले सकती है। वरिष्ठ एनआईए अधिकारियों ने बताया कि यदि गुजरात पुलिस विमान अपहरण रोधी कानूनों के तहत मामला दर्ज करती है, तो ही एजेंसी इस मामले को हाथ में ले सकती है।

देश के प्रतिष्ठित आतंकवाद निरोधक एजेंसी एनआईए की कमान संभालने वाले 1984 बैच के आईपीएएस अधिकारी मोदी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विमान अपहरण एनआईए के लिए एक अधिसूचित अपराध है। बता दें कि असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी वाईसी मोदी ने शरद कुमार का स्थान लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों की जांच के लिए जिस विशेष जांच दल का गठन किया था। आईपीएस वाई सी मोदी ने इस जांच दल के सदस्य के रूप में गुजरात दंगों की जांच की थी। इस जांच कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे) को क्लीन चिट दे दी थी। आईपीएस वाईसी मोदी को इस पद पर साल 2021 तक के लिए नियुक्त किया गया है।

 

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