जयललिता के साथ हर सुख-दुख में रहनें वाली शशिकला नटराजन ताबूत के पास खड़ी रहीं उदास

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जयललिता के हर अच्छे-बुरे समय में उनके साथ खड़ी रहीं शशिकला नटराजन दिवंगत नेता के ताबूत के पास मौजूद रहीं और लोग वहां श्रद्धांजलि देते रहे काली साड़ी पहने शशिकला मायूस नजर आ रही थीं।

शशिकला रुक-रुक कर खड़ी होतीं और जयललिता के चेहरे को स्पर्श करतीं दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर राजाजी हॉल में रखा गया है। लोगों की सांत्वना के बीच शशिकला खोई-खोई नजर आ रहीं थीं।

जयललिता के निधन को 59 वर्षीय शशिकला के लिए व्यक्तिगत नुकसान के रूप में देखा जा रहा है। वह उन कुछ लोगों में शामिल हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री के पॉयस गार्डन स्थित वेदा नीलायम आवास में रहने का मौका मिला।

 

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गत 22 सितंबर को जयललिता के अस्पताल में भर्ती होने के समय से ही शशिकला उनके साथ थीं और अन्नाद्रमुक की बीमार मुखिया को भावनात्मक सहयोग दे रही थीं।

दिवंगत नेता के तीन दशक के राजनीतिक करियर के दौरान उनके तथा शशिकला के संबंधों को कई बार तब परेशानियों का सामना करना पड़ा, जब कुछ लोगों ने कई मौकों पर अन्नाद्रमुक की हार के लिए जयललिता की शशिकला से नजदीकी को जिम्मेदार बताया।

दोनों ही आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपी थीं और उन्हें बेंगलूरू की एक निचली अदालत ने दोषी ठहराया था. हालांकि कर्नाटक हाईकोर्ट ने बाद में निचली अदालत के फैसले को पलट दिया था।

भाषा की खबर के अनुसार, रोचक बात यह है कि कुछ साल पहले कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर जयललिता और शशिकला के बीच संबंध तल्ख हो गए थे।

शशिकला और उनके परिवार के कुछ सदस्यों को पार्टी से निकाल दिया गया था और उन्हें जयललिता के पॉयस गार्डन आवास से जाने को कह दिया गया था। हालांकि, यह अलगाव कुछ समय तक ही रहा और दोनों के बीच फिर संबंध सुधर गए।

शशिकला विभिन्न आयोजनों में जयललिता के साथ लगातार नजर आईं, चाहे वह चुनाव प्रचार हो या उनका विशेष वाहन. विरोधियों ने शशिकला को ‘जयललिता की परछाई’ तक कहना शुरू कर दिया था। वह एक वीडियो कंपनी मालिक के रूप में 1980 के दशक में जयललिता के संपर्क में आई थीं।

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