जम्मू कश्मीर: महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला घर में नजरबंद, घाटी में मोबाइल-इंटरनेट सेवा बंद

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जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे के संबंध में कुछ संभावित बड़े फैसले को लेकर घाटी में बढ़ती अटकलों के बीच कांग्रेस नेता उस्मान माजिद और माकपा नेता एम वाई तारिगामी ने दावा किया कि उन्हें रविवार रात को गिरफ्तार कर लिया गया। कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है जिसके बीच ये गिरफ्तारियां हुई हैं। बहरहाल, गिरफ्तारियों के संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

जम्मू कश्मीर
फाइल फोटो: सोशल मीडिया

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है क्योंकि आतंकवादी धमकी और नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के साथ शत्रुता बढ़ने के बीच तड़के कश्मीर में कर्फ्यू लगाया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को उनके घरों में हिरासत में ले लिया गया है।

नेशनल कांफ्रेंस के नेता अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘‘मुझे लगता है कि मुझे आज आधीरात से घर में नजरबंद किया जा रहा है और मुख्यधारा के अन्य नेताओं के लिए भी यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई है। इसकी सच्चाई जानने का कोई तरीका नहीं है लेकिन अगर यह सच है तो फिर आगे देखा जाएगा।’’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘कश्मीर के लोगों के लिए हमें नहीं मालूम कि क्या चल रहा है लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि अल्लाह ने जो भी सोचा है वह हमेशा बेहतर होगा, हमें यह शायद अभी नजर न आए लेकिन हमें कभी उनके तरीकों पर शक नहीं करना चाहिए। हर किसी को शुभकमानाएं, सुरक्षित रहे और सबसे जरुरी कृपया शांति बनाए रखें।’’

अधिकारियों ने कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन अस्थायी रूप से रोक दिए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों और जिला मजिस्ट्रटों को सैटेलाइट फोन दिए गए हैं। इन घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए महबूबा ने ट्वीट किया, ‘‘मोबाइल फोन कनेक्शन समेत जल्द ही इंटरनेट बंद किए जाने की खबरें सुनीं। कर्फ्यू का आदेश भी जारी किया जा रहा है। अल्लाह जानता है कि हमारे लिए कल क्या इंतजार कर रहा है। यह रात लंबी होने वाली है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इतने मुश्किल वक्त में, मैं अपने लोगों को आश्वस्त करना चाहती हूं कि जो भी हो हम एकजुट हैं और हम एक साथ लड़ेंगे। जिस पर हमारा अधिकार है उसके लिए लड़ने के हमारे संकल्प को कोई भी चीज नहीं डिगा सकती।’’

कश्मीर में रविवार को भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों ने आतंकवादी खतरे और पाकिस्तान के साथ नियंत्रण रेखा पर शत्रुता बढ़ने के बीच अहम प्रतिष्ठानों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा बीच में ही समाप्त करने और तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों से यथाशीघ्र घाटी छोड़ने के लिए कहे जाने के बाद परेशान स्थानीय लोग घरों में जरूरी सामानों का स्टॉक करने के लिए दुकानों और ईंधन स्टेशनों पर बड़ी-बड़ी कतारों में खड़े नजर आए।

बता दें कि, शनिवार को ही पीडीपी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार रात राज्यपाल से मुलाकात की थी। इस दौरान महबूबा के साथ शाह फैसल समेत कई अन्य नेता भी थे। नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने कश्‍मीर में ‘भयपूर्ण वातावरण’ पर चिंता जताई।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में बीते एक हफ़्ते से फौज़ों की बढ़ती तैनाती को लेकर तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में उस समय तनाव बढ़ा गया था जब पिछले हफ्ते ही 25 हजार सैनिक कश्मीर घाटी भेजे गए थे। उससे पिछले हफ्ते भी 10 हजार सैनिक भेजे गए थे। इससे ये अंदेशा बन रहा है कि राज्य में कुछ बड़ा होने वाला है। हालांकि, सरकार इसे बहुत तूल देने से बचने की कोशिश कर रही है। (इंपुट: भाषा के साथ)

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