बिहार: मंदिर में जैन मुनि विप्रण सागर जी महाराज ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट बरामद, पुलिस मामले की जांच में जुटी

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बिहार के भागलपुर जिले के नाथनगर के चंपापुर दिगंबर जैन सिद्घक्षेत्र मंदिर के कमरे में मंगलवार को जैन मुनि विप्रन सागर जी महाराज ने फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। शाम को उनका शव कमरे में पंखे से लटका मिला। फिलहाल, पुलिस ने उनके शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जैन मुनि
file photo

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार(31 अक्टूबर) को बताया कि मुनि (40) मंगलवार शाम चार बजे श्रद्घालुओं को दर्शन देने के बाद अपने कमरे में चले गए थे। अन्य दिनों की तरह वह जब रात आठ बजे श्रद्घालुओं को दर्शन देने नहीं निकले, तब इसकी सूचना अन्य लोगों को दी गई। बाद में जब उनके कमरे का दरवाजा खोला गया तब उनका शव पंखे से लटकता दिखा।

भागलपुर के पुलिस उपाधीक्षक राजवंश सिंह ने बताया कि जैन मुनि का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि जैन मंदिर के प्रबंधक जागेश कुमार जैन के बयान के आधार पर ललमटिया सहायक थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

उन्होंने कहा कि कमरे से सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें स्वेच्छा मृत्यु की बात लिखी गई है। सिंह ने कहा कि पुलिस उनके मोबाइल के कॉल डिटेल की जांच-पड़ताल कर रही है। मृतक जैन मुनि मध्य प्रदेश के राजपाटन के रहने वाले थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों का कहना है कि मुनि जी की प्रशासनिक क्षमता अद्भुत थी। वे अंदर से काफी मजबूत थे। लोग चर्चा कर रहे थे कि एक साधु पूरी दुनिया के लिए शांति चाहता है, फिर वे खुद इतने अशांत कैसे हो सकते हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रहीं है।

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