VIDEO: LSE स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा निंदा करने के बाद जग्गी वासुदेव ने मुस्लिम छात्र को ‘तालिबान’ कहने पर मांगी माफी

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एलएसई स्टूडेंट्स यूनियन की बढ़ती नाराजगी और कड़ी निंदा के बाद जग्गी वासुदेव ने अपने एक बयान के लिए माफी मांगी हैं। बता दें कि जग्गी वासुदेव को सद्गुरु के रूप में भी जाना जाता है। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के छात्र संघ (एलएसई) के एक प्रोग्राम में उन्होंने एक मुस्लिम छात्र को ‘तालिबानी’ कह कर संबोधित किया था।

जग्गी वासुदेव

एलएसई स्टूडेंट यूनियन (एलएसईएसयू) ने जग्गी वासुदेव के बयान पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विवादास्पद भारतीय आध्यात्मिक नेता के मुस्लिम छात्र पर हमले की कड़ी निंदा की। एलएसई स्टूडेंट यूनियन ने एक बयान जारी किया, जिसमें सद्गुरु की टिप्पणियों से निराशा जताते हुए छात्र संघ ने कहा कि वह उन्हें इस्लामोफोबिक के रूप में देखता है। छात्रों के संघ ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने एक मुस्लिम छात्र से बातचीत के दौरान उसे “तालिबानी” कहा जो कि निराशा भरा है।

सद्‌गुरु ने यूथ एंड ट्रुथ: अनप्लग विद सद्गुरु’ नामक एक कार्यक्रम में अपनी बात रखी। बाद में, उन्होंने एक मुस्लिम छात्र, बिलाल बिन साकिब के साथ चर्चा की। इस चर्चा के दौरान उन्होंने बिलाल बिन साकिब को “तालिबान” और “तालिबानी” कहा। सद्गुरू की इस टिप्पणी पर LSESU ने कहा कि, छात्र संघ उनकी इन टिप्पणीयों से निराश है और इसे इस्लामोफोबिक के रूप में देखता है।

एलएसईएसयू ने बयान जारी कर कहा कि इस तरह की टिप्पणियों का परिसर में कोई स्थान नहीं है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। यदि ऐसी टिप्पणी मजाक में भी की गई थी, तो इससे इसका प्रभाव कम नहीं होता। यह शब्द अभी भी अपमानजनक हैं। इस तरह की घटनाओं को यदि विधिवत रूप से घोषित नहीं किया जाता है, तो एक ऐसी संस्कृति बनाने के लिए कुल मिलाकर जहां आकस्मिक इस्लामोफोबिया स्वीकार्य हो जाता है और, जैसे कि, हमने सद्गुरु को दिए गए बयानों के संबंध में छात्र निकाय को एक औपचारिक माफीनामा जारी करने के लिए कहा है।

जोरदार विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए जग्गी ने छात्र से माफी मांगते हुए एक छोटा वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि तालिबान शब्द का उपयोग उन्हें एक भावुक छात्र के रूप में संदर्भित करना था। जग्गी ने अपने वीडियो में कहा, मैं उन सभी लोगों को बताना चाहूंगा कि अरबी भाषा में ‘तालिबान’ शब्द का अर्थ एक ‘उत्साही छात्र’ है, जो बिलाल बिन निश्चित रूप से है। यह शब्द हमेशा भारत में उत्साही व्यक्ति के संबंध में प्रयोग किया जाता है। यह उस संदर्भ में है कि मैं बिलाल के साथ मजाक कर रहा था, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसे इस तरह पेश किया गया है।

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  1. ये महाशय गलत संगत में रहते हैं, इस लिये वैसी भाषा बोलते हैं जैसे इन के मित्र बोलते हैं.

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