कोलकाता के जाधवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने सोशल मीडिया पर लड़कियों की वर्जिनिटी को लेकर लिखा विवादित पोस्ट, मचा हंगामा

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महिलाओं की वर्जिनिटी को लेकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित जाधवपुर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा लिखा जिसके बाद हंगामा मच गया। इनका यह विवादित पोस्ट वायरल होने के बाद संगठनों और लोगों ने प्रोफेसर की क्लास लगानी शुरू कर दी।

वर्जिनिटी

कोलकाता के जाधवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कनक सरकार ने अपने फेसबुक पर लड़कियों की वर्जिनिटी को लेकर कई विवादित पोस्ट किए। एक पोस्ट में उन्होंने वर्जिन लड़की की तुलना सील बोतल और पैकेट से की। उन्होंने लिखा, कुंवारी दुल्हन- क्यों नहीं? उन्होंने लिखा, ‘क्या आप कोल्ड ड्रिंक की बोतल या बिस्कुट के पैकेट खरीदते समय टूटी सील वाली खरीदने को तैयार हैं?’ सरकार ने कहा कि लड़के ऐसे मूर्ख बने रहते हैं कि उन्हें एक पत्नी के रूप में कुंवारी लड़की होने के लाभ के बारे में पता नहीं होता है।

सरकार ने कहा, ‘एक लड़की जन्म से तब तक सील्ड पैदा होती है जब तक इसे खोला नहीं जाता है… एक कुंवारी लड़की का अर्थ है मूल्यों, संस्कृति और यौन स्वच्छता के साथ कई चीजें हैं। ज्यादातर लड़कों के लिए, एक कुंवारी पत्नी एक परी की तरह होती है।’ हालांकि, बाद में उन्होंने अपने पोस्ट डिलिट कर दिए।

वहीं प्रोफेसर कनक सरकार के इस पोस्ट के बाद कुछ लोगों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सोशल मीडिया पर वह लोगों के निशाने पर आए, जिसके बाद उन्होंने अपने पोस्ट को डिलीट कर दिया।

इसके बाद वह अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर सफाई देते नजर आए। कनक ने एक और फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ‘मैं अपनी व्यक्तिगत राय लिखता हूं। सुप्रीम कोर्ट ने आईटी एक्ट की धारा 66 ए को निरस्त कर दिया है और सोशल मीडिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी है। जब तस्लीमा नसरीन ने एक विशेष धर्म के खिलाफ लिखा तो हमने उनकी स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति का समर्थन किया। हम बंगाली कवि श्रीजातो का समर्थन कर रहे हैं जो हिंदू देवताओं के बारे में लिखते रहे हैं।’

उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा, ‘मैंने किसी भी व्यक्ति, व्यक्ति या किसी के खिलाफ बिना किसी सबूत या किसी संदर्भ के कुछ भी नहीं लिखा है। मैं सोसाइटी के अच्छे और भलाई के लिए सामाजिक शोध और लेखन कर रहा हूं। हालिया पोस्ट मैंने “कलोम” और “मुक्ते कलोम” पब्लिक ग्रुप में ही दी है। कई स्क्रीन शॉट्स शेयर कर रहे हैं, मेरा अनुरोध है कि भ्रमित न करें।

I Write My Personal Opinion ………..Supreme Court has repealed section 66 A of IT Act and given freedom of…

Posted by Kanak Sarkar on Sunday, January 13, 2019

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 9 नवंबर के एक पोस्ट में उन्होंने कहा था कि, आजकल के लड़के-लड़कियां यह सोचते हैं कि ब्रह्मचर्य और कौमार्य नैतिकता का हिस्सा नहीं हैं। यही वजह है कि धूर्त और शातिर लड़के लड़कियों का शोषण कर रहे हैं। कौमार्य को महत्व देते हुए, सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि यह उतना ही कीमती है जितना ईमानदारी और नैतिकता।

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