जम्मू-कश्मीर सैक्स स्कैंडल मामले में 12 साल बाद आया फैसला, BSF के पूर्व DIG और DSP समेत पांच को 10-10 साल की जेल

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जम्मू-कश्मीर से जुड़े करीब 12 साल पुराने बहुचर्चित सैक्स स्कैंडल मामले में चंडीगढ़ की अदालत ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक पूर्व डीआईजी और डीएसपी समेत पांच लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही पूर्व डीआईजी और डीएसपी पर एक-एक लाख का जुर्माना और शेष पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर उन्हें एक वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। यह सजा बुधवार (6 जून) को चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई न्यायाधीश गगनगीत कौर ने सुनाई।

(Sikander Singh Chopra/HT)

बता दें कि जम्मू कश्मीर का सेक्स स्कैंडल 2006 में तब मीडिया में सुर्खियां बना था जब जम्मू कश्मीर पुलिस ने दो सीडी बरामद की थी जिसमें कश्मीरी नाबालिगों का यौन उत्पीड़न करते दिखाया गया था। इस स्कैंडल में वरिष्ठ अधिकारी और राजनीतिज्ञ भी कथित रूप से शामिल थे, जिसमें नाबालिग लड़कियों को वेश्यावृत्ति में धकेल दिया गया था। इन पांच व्यक्तियों को रणबीर दंड संहिता की धारा 376 के तहत दोषी ठहराया गया।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश गगन गीत कौर ने खचाखच भरे अदालत कक्ष में सजा सुनाते हुए कहा कि दोषी किसी भी उदारता के पात्र नहीं हैं। अदालत ने पांचों को 30 मई को मामले में दोषी करार दिया था। अदालत ने दो दोषियों को बरी कर दिया था जिनमें जम्मू कश्मीर के तत्कालीन महाधिवक्ता शामिल थे। दोषियों को कड़ी सुरक्षा में अदालत लाया गया था।

जिन दोषियों को सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई उनमें बीएसएफ के पूर्व उप महानिरीक्षक (डीआईजी) केसी पाधी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपाधीक्षक (डीएसपी) मोहम्मद अशरफ मीर और तीन अन्य मसूद अहमद उर्फ मकसूद, शबीर अहमद लांगू और शबीर अहमद लावाय शामिल हैं। इन लोगों ने सुनवाई के दौरान जितना समय भी हिरासत में गुजारा है वह उनकी सजा की अवधि से कम कर दिया जाएगा।

2006 में इस सेक्स स्कैंडल का खुलासा

इस सेक्स स्कैंडल का 2006 में उस वक्त हुआ था जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो सीडी बरामद की थी जिसमें कश्मीरी नाबालिगों का यौन उत्पीड़न करते दिखाया गया था। नाबालिगों को वेश्यावृत्ति में धकेल दिया गया था और उन्हें शीर्ष पुलिस अधिकारियों, नौकरशाहों, राजनीतिज्ञों और आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों के पास भेजा जाता था। जांच के दौरान जम्मू कश्मीर पुलिस ने सेक्स स्कैंडल में कथित संलिप्तता को लेकर 56 संदिग्धों की एक सूची तैयार की जिसमें कुछ हाईप्रोफाइल लोग भी शामिल थे।

मामला 2006 में तब सीबीआई को सौंप दिया गया था जब इसमें कुछ मंत्रियों के भी नाम आए थे। सुप्रीम कोर्ट ने उसी वर्ष बाद में मामले को चंडीगढ़ स्थानांतरित कर दिया था। मामले के आरोपपत्र के अनुसार एक पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उसे नशीला पदार्थ मिला पेय दिया गया और इसके बाद उसे यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। बच्चियों के साथ दुष्कर्म का मामला खुलने के बाद इतनी गंभीर हो गई थी कि 2009 में जम्मू कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने को अपना इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था।

 

 

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