इटली कोर्ट का अजीबोगरीब फैसला- महिला चिल्लाई नहीं, इसका मतलब रेप नहीं हुआ

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रेप के मामले में इटली की एक अदालत के चौंकाने वाले फैसले के सामने आने के बाद, पूरे देश में रोष है। अदालत ने रेप के आरोपी एक शख्स को इसलिए बरी कर दिया क्योंकि रेप के वक्त पीड़ित मदद के लिए चिल्लाई नहीं थी। अदालत के इस फैसले को लेकर महिला अधिकार संगठन के साथ ही अन्य लोग भी विरोध कर रहे हैं।

इटली

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इतालवी संवाद समिति एएनएसए ने कहा कि मंत्री आंद्रे ओर्लांदो ने मंत्रालय निरीक्षकों से इस मामले की जांच करने को कहा है। एएनएसए ने कहा कि तुरिन में एक अदालत ने पिछले महीने फैसला सुनाया था कि कथित रूप से बलात्कार करने वाले अपने सहकर्मी को महिला का ‘‘बहुत हो चुका’’ कहना यह साबित करने के लिए बहुत कमजोर प्रतिक्रिया है कि उसका बलात्कार हुआ था।

फैसले में कहा गया था कि वह चिल्लाई नहीं या उसने मदद नहीं मांगी। विपक्षी फोर्जा इटालिया पार्टी के सांसद अन्नाग्रेजिया कलाब्रिया ने फैसले की निंदा की। महिला समूहों ने भी इस फैसले की आलोचना की है। रिपोर्ट के मुताबिक, मामला उत्तरी इटली के ट्यूरिन की एक कोर्ट का है।

फैसले में कोर्ट ने कहा कि अस्पताल के बेड पर रेप के वक्त महिला मदद के लिए चीखी क्यों नहीं थी। उसने अपनी आवाज क्यों नहीं बुलंद की थी। इससे ये साबित नहीं हो सकता की उसका रेप किया गया है। पीड़िता के वकील ने कहा कि महिला की चुप्पी उसकी दर्दभरी स्थिति को दर्शाती है।

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