इशरत जहां केस: लापता फाइल मामले में गृह मंत्रालय ने दर्ज कराया एफ़आईआर

0

गृह मंत्रालय ने विवादास्पद इशरत जहां ‘फर्जी मुठभेड़’ मामले से जुड़े लापता दस्तावेजों के सिलसिले में एक प्राथमिकी दर्ज करवाई है। इस कदम से भाजपा एवं कांग्रेस के बीच राजनीतिक वाकयुद्ध तेज हो सकता है।

गृह मंत्रालय में कार्यरत अवर सचिव ने संसद मार्ग पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन) के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई है।

Also Read:  अंडर-19 टेस्ट के आयोजन से टीएनसीए ने किया इनकार, नागपुर करेगा मेजबानी

इसमें पुलिस से इस बात की जांच करने को कहा गया है कि क्यों, कैसे और किन परिस्थितियों में मामले से संबंधित पांच दस्तावेज गायब हो गए। इस कदम से पहले अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने अपना निष्कर्ष दिया था कि सितंबर 2009 में दस्तावेजों को जानबूझ कर या अनजाने में हटा दिया गया अथवा वे गायब हो गए। उस अवधि में पी चिदंबरम गृह मंत्री थे।

Also Read:  गुजरात: सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में आरोप मुक्त किए गए IPS राजकुमार पांडियान की वापसी
Congress advt 2

भाषा की खबर के अनुसार,जांच समिति ने कहा कि इन पांच में से केवल एक दस्तावेज ही मिल पाया है। समिति ने अपनी तीन माह चली जांच के बाद 15 जून को रिपोर्ट सौंपी थी। हालांकि जांच समिति ने चिदंबरम या तत्कालीन संप्रग सरकार में किसी भी व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं कहा है।

Also Read:  Patna HC acquits eight in fake encounter case

दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा 26 अगस्त को भेजे गए संदेश के बाद 22 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गयी। तत्कालीन गृह सचिव जी के पिल्लै सहित 11 सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों के बयानों के आधार पर समिति ने अपनी 52 पृष्ठों की रिपोर्ट सौंपी। इसमें कहा गया कि 18 से 28 सितंबर 2009 के बीच दस्तावेज लापता हुए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here