मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने अपने ब्रिटिश साथी संग की शादी

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16 साल तक अन्‍न न खाने वाली और मानव अधिकारों को लेकर लड़ने वाली मणिपुर की मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने आखिरकार शादी कर लिया है। लंबे समय से अपने मित्र रहे ब्रितानी नागरिक डेसमंड कुटिन्हो से गुरुवार(16 अगस्त) सुबह सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय में विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह किया।

(HT Photo)

सब-रजिस्ट्रार राधाकृष्णन की उपस्थिति में विवाह सम्पन्न हुआ। कुटिन्हो ने शर्मिला को अंगूठी पहनाई। यह एक बेहद सादा समारोह था और इस दौरान वहां दूल्हा-दुल्हन के परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे। इससे पहले युगल ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत विवाह किया था।

अंतर-धार्मिक विवाह होने के कारण सब-रजिस्ट्रार ने उन्हें विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह पंजीकरण कराने के लिये कहा था। शर्मिला ने बताया कि कोडइकनाल एक शांतिपूर्ण स्थान है और शांति के लिये उनकी तलाश यहां आकर खत्म हो गयी।

सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि वह कोडइकनाल पर्वतीय क्षेत्र में आदिवासियों के कल्याण के लिये अपनी आवाज उठाएंगी। विवाह को लेकर वी महेंद्रन नामक एक स्थानीय कार्यकर्ता ने आपत्ति जतायी थी। उसने दलील दी कि दंपति के पर्वतीय क्षेत्र में रहने से इलाके के आदिवासियों को कानूनी एवं अन्य तरह की समस्याओं का सामना करना पडेगा।

बहरहाल, सब-रजिस्ट्रार ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कुटिन्हो के साथ शर्मिला के विवाह का रास्ता साफ कर दिया। दंपति ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह पंजीकरण के लिये 12 जुलाई को अपना आवेदन जमा किया था और किसी को आपत्ति होने की स्थिति में सब रजिस्ट्रार ने 30 दिन के अंदर इस पर आपत्तियां मंगायी थी।

शर्मिला-कुटिन्हो के विवाह के समर्थन में पलानी मलाई पुलैयां एवं पालियार समेत इलाके के आदिवासियों के एक समूह ने सब रजिस्ट्रार को एक ज्ञापन सौंपा था। बता दें कि मणिपुर विधानसभा चुनावों में अपनी हार के बाद शर्मिला ने कुटिन्हो के साथ पर्वतीय शहर का रूख किया।

16 साल तक किया अनशन

आपको बता दे कि इंफाल की रहने वाली इरोम शर्मिला ने 16 साल का अनशन खत्‍म करने के बाद पीपुल्‍स रिसरजेंस एंड जस्टिस एलायंस(पीआरजेए) का गठन किया था। इरोम शर्मिला ने 16 साल तक विवादित ऑर्म्‍ड फोर्स स्‍पेशल पावर्स एक्‍ट का विरोध किया था। इसके बाद पिछले साल 9 अगस्‍त 2016 को उन्‍होंने अपना अनशन समाप्‍त कर लिया था।

90 वोट मिलने के बाद राजनीति से लिया संन्यास

16 साल तक मणिपुर की जनता के लिए अनशन करने वाली इरोम शर्मिला का राजनीतिक कॅरियर 11 मार्च को विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद महज 144 दिन में ही खत्म हो गया। दरअसल, विधानसभा चुनाव में शर्मिला की पार्टी ‘पीपुल्स रीसर्जेंस ऐंड जस्टिस अलायंस’ बुरी तरह से हार गयी थी। साथ ही खुद इरोम शर्मिला को भी बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था।

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