‘हमे मुसलमानों की नहीं हिंदुस्तान की फिक्र है, हिंदुस्तान को बचाना हमारी जिम्मेदारी है’

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भारत के जाने-माने स्कॉलर और मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी जोधपुर के वाईस चांसलर प्रोफेसर अख्तरुल वासे को शनिवार (31 मार्च) को इंस्टीटूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज ने सातवें IOS लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स से सम्मानित किया। जामिया मिलिया इस्लामिया के इंजीनियरिंग ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रोफ़ेसर अख्तरुल वासे को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री फ़ारुक अब्दुल्ला के हाथों इसक्रॉल दिया गया। पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ सुप्रीम कोर्ट ए.एम अहमदी ने मोमेंटो पेश किया, जबकि पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. शकील अहमद व IOS के चेयरमैन डॉ. मोहम्मद मंज़ूर आलम ने अपने हाथों से एक लाख रुपये का चेक दिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फारूक़ अब्दुल्ला ने रिसर्च के मैदान में बेमिसाल काम करने पर IOS के चेयरमैन डॉ. मंज़ूर आलम को मुबारकबाद दी, साथ ही प्रोफेसर अखतरुर वासे को शिक्षा के मैदान में देश, समाज व साहित्य में अदभुत काम करने और लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने पर मुबारकबाद दिया। उन्होंने आगे कहा कि मुसलमान अपनी तबाही के लिए खुद ज़िम्मेदार है, क्योंकि उन्होंने इस्लाम की बताए हुए रास्ते पर चलना छोड़ दिया है।

वहीं पूर्व मंत्री डॉ शकील अहमद ने IOS के काम की तारीफ की और कहा आज आवश्यकता है कि तमाम धर्मों के बुद्धिजीवी एक साथ बैठ मिलकर बात करें। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व व गलत मानसिकता के लोग सब धर्मों में पाए जाते हैं हमें उन्हें नजरअंदाज करते हुए सेकुलर मिजाज के लोगों को बढ़ावा देना चाहिए। डॉ शकील ने भी प्रोफ़ेसर वासे को लाइफ टाइम अचीवमेंट दिए जाने पर शुभकामनाएं दी।

ए.एम अहमदी ने प्रोफेसर वासे को इस उपाधि पर बधाई देते हुए IOS के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के लोगों को सम्मान करना मुल्क़ का सम्मान करना है। प्रोफेसर वासे ने IOS का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मेरी हैसियत नहीं थी लेकिन डॉ मंजूर आलम ने ये सम्मान देकर मेरी इज़्ज़ाज बढ़ा दी है। प्रोफेसर वासे ने इस अवॉर्ड को अपनी माँ और अपनी पत्नी को समर्पित किया।

प्रोफ़ेसर वासे ने अपने संबोधन में कहा कि हमे मुसलमानों की नहीं हिंदुस्तान की फिक्र है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान को बचाना हमारी जिम्मेदारी है और इसके लिए काम करते रहेंगे। इस प्रोग्राम का आगाज़ अतहर नदवी की तिलावत से हुआ। डॉ. शफीक अहमद ने प्रोफ़ेसर वासे की जीवनी पर रौशनी डाली, जबकि प्रोफ़ेसर इश्तियाक दानिश ने मंच संचालन का काम किया।

इस दौरान कार्यक्रम में प्रोफेसर वासे की जीवनी पर 20 मिनट का डॉक्यूमेंट्री वीडियो भी दिखाई गई। इस मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस मुशावरत के अध्यक्ष नवेद हामिद, डॉ. अयूब नदवी, इक़्तेदार खान, हबीबुल्लाह खान, अब्दुल हमीद नौमानी, कासिम सय्यद, शबनम सिद्दीकी, असरार जमाई, मोहम्मद आलम आदि उपस्थित थे।

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