वैवाहिक स्थलों को प्रशासन का फरमान, 35% पार्किंग की व्यवस्था और CCTV कैमरा लगाना अनिवार्य

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शादी समारोहों के लिये इस्तेमाल होने वाले परिसरों को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के मकसद से जिला प्रशासन ने विस्तृत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।

इस आदेश के तहत ऐसे परिसरों में कुल क्षेत्रफल का 35 प्रतिशत हिस्सा पार्किंग के लिये आरक्षित रखना और इनमें क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरे (सीसीटीवी) कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी विज्ञप्ति में  बताया गया कि जिलाधिकारी पी. नरहरि ने विवाह समारोहों को लेकर दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस आदेश के उल्लंघन पर संबंधित परिसरों के मालिक और विवाह समारोहों के आयोजकों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाये जायेंगे।

प्रतिबंधात्मक आदेश के मुताबिक जिन मैरिज गार्डन, मांगलिक भवनों और होटलों में 35 प्रतिशत क्षेत्रफल पार्किंग के लिये आरक्षित नहीं है, वहां विवाह समारोह आयोजित नहीं किये जा सकेंगे। इन परिसरों के संचालकों को मुख्य प्रवेश द्वार एवं पार्किंग द्वार अलग-अलग बनाने होंगे। उन्हें पार्किंग स्थल को दर्शाने वाला साइन बोर्ड भी लगाना होगा।

भाषा की खबर के अनुसार, विज्ञप्ति में कहा गया है कि वैवाहिक परिसरों के संचालकों को कम से कम चार ऐसे कर्मचारी रखने होंगे जो सुनिश्चित करेंगे कि इन परिसरों के आस-पास के सार्वजनिक स्थलों और रास्तों पर आगंतुकों के वाहन खड़े न होने दिये जायें ताकि यातायात जाम न हो। इसके साथ ही, इन परिसरों के बाहर और अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाना और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्डोंं की तैनाती भी अनिवार्य होगी।

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