2014 से अब तक भारतीय करदाताओं ने PM मोदी की विदेश यात्राओं और पब्लिसिटी के लिए अपनी जेब से 7266 करोड़ रुपये का किया भुगतान

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों पर हुए खर्च का जो ब्योरा सामने आया है वह काफी हैरान करने वाला है। नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं यानी वर्ष 2014 से अब तक पीएम मोदी के विदेश दौरे पर करीब 2 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने 48 विदेश यात्राओं में 55 देशों का दौरा किया है जिसका खर्च 2,021 करोड़ रुपये आया है।

नरेंद्र मोदी
फाइल फोटो: @PIB_India

इनमें कई देशों की एक से ज्यादा यात्राएं शामिल हैं।इन खर्चों में चार्टर्ड विमान के किराए से लेकर विमानों के रखरखाव और प्रधानमंत्री को मिलने वाली हॉटलाइन सु‌विधा का खर्च भी शामिल है। विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा में इसकी जानकारी दी।

आपको बता दें कि इसके अलावा मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में सरकारी योजनाओं के विज्ञापन पर 5245.73 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। अगर इन दोनों खर्चों को जोड़ दिया जाए तो भारतीय करदाताओं ने अपनी जेब पीएम मोदी की विदेश यात्राओं और उनकी पब्लिसिटी के लिए करीब 7266.73 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

विदेश यात्राओं पर 2,021 करोड़ रुपये खर्च

सरकार ने संसद में जो सूचना मुहैया कराई है, उसके मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की जून 2014 से विदेश यात्रा के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर कुल 2,021 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह ने साल 2014 और 2018 के बीच प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए विदेशी दौरों की जानकारी दी।

केंद्रीय मंत्री द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, यूपीए-2 के दौरान 2009-10 से 2013-14 तक मनमोहन सिंह की विदेश यात्राओं के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर 1,346 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। केंद्रीय मंत्री सिंह ने मनमोहन सिंह के आधिकारिक विदेश दौरों से संबंधित सवालों के जवाब में यह जानकारी दी, जिसमें पूछा गया कि आखिर 2009 से 2014 तक मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री के रूप में कितने खर्च हुए और 2014 के बाद से पीएम मोदी के विदेश दौरों में कितने खर्च हुए।

आंकड़ों के मुताबिक, 15 जून 2014 और 3 दिसंबर 2018 की अवधि के दौरान प्रधानमंत्री के विमान के रखरखाव पर कुल 1,583.18 करोड़ रुपये और चार्टर्ड विमानों पर 429.25 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वहीं, हॉटलाइन सुविधाओं पर 9.11 करोड़ रु खर्च हुए। आपको बता दें कि वीके सिंह द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण में 2017-18 और 2018-19 में पीएम मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान हॉटलाइन सुविधाओं पर खर्च शामिल नहीं है।

आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 में विदेशी दौरों के लिए चार्टर्ड विमानों पर लागत रु 93.76 करोड़ थी, जबकि 2015-16 में यह 117.89 करोड़ रुपये हो गया। वहीं 2016-17 में 76.27 करोड़ और 2017-18 में 99.32 करोड़ रुपये हो गया। दरअसल, मई 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद से पीएम मोदी ने 48 विदेश यात्राओं में 55 से अधिक देशों का दौरा किया। उन्होंने कुछ देशों में कई दौरे किए।

पब्लिसिटी के मोदी सरकर ने विज्ञापन पर खर्चे करोड़ों

इसके अलावा दूसरी तरफ पिछले साढ़े चार सालों में सरकारी योजनाओं के प्रचार में बीजेपी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने 5246 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। सूचना-प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने लोकसभा में यह जानकारी दी। सरकार ने साल 2014 से लेकर 7 दिसंबर 2018 तक के आंकड़े जारी किए। बीते गुरुवार को लोकसभा में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार ने साल 2014 से लेकर सात दिसंबर 2018 तक में सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार में कुल 5245.73 करोड़ रुपये की राशि खर्च की है।

राठौड़ ने बताया कि सबसे ज्यादा 2312.59 करोड़ रुपये इलेक्ट्रानिक/ऑडियो-विजुअल मीडिया के जरिए विज्ञापन में खर्च किया गया। वहीं 2282 करोड़ रुपये प्रिंट मीडिया (समाचार पत्रों) में विज्ञापन के लिए खर्च किया गया। इसी तरह 651.14 करोड़ रुपये आउटडोर पब्लिसिटी के लिए खर्च किया गया है। केंद्रीय मंत्री द्वारा संसद में दी गई जानकारी से ये पता चलता है कि साल दर साल विज्ञापन पर खर्च की जाने वाली राशि में बढ़ोतरी हुई है।

साल 2014-15 में कुल 979.78 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। वहीं, साल 2015-16 में कुल 1160.16 करोड़ रुपये योजनाओं के प्रचार में खर्च किए गए। इसी तरह विज्ञापन राशि में लगातार बढ़ोत्तरी होती रही और साल 2016-17 में मोदी सरकार ने प्रचार में 1264.26 करोड़ रुपये खर्च किए। पिछले साढ़े चार सालों से ज्यादा के कार्यकाल में सबसे ज्यादा 1313.57 करोड़ रुपये साल 2017-18 में विज्ञापन पर खर्च किए गए।

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