20 आतंकियों को मार गिराने की खबर गलत, ‘ जाली रिर्पोटिंग’ पर फूटा वरिष्ठ पत्रकारों का गुस्सा

4

न्यूज वेबसाइट द क्विंट ने दावा किया था कि भारतीय सेना के स्पेशल फोर्स ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पारकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) स्थित तीन आतंकी शिविरों पर हमला करके 20 संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया था।

लेकिन अब अधिकारिक रूप से ये खबर आई हैं कि भारतीय सेना ने पीओके में 20 आतंकवादियों को मारे जाने वाली खबर से इनकार किया है।

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जनता का रिपोर्टर से कहा कि उन्हे इस तरह के ऑपरेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं है

अन्य स्त्रोतों के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी ये खबर प्रकाशित की कि इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी

वेबसाईट में छपी रिपोर्ट के अनुसार भारत की 2 पैरा यूनिट के 18-20 जवानों ने हेलीकॉप्टर से पीओके में प्रवेश किया और उरी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की। वेबसाइट ने दावा किया था कि भारतीय स्पेशल फोर्स की कार्रवाई में मरने वालों की संख्या इससे कहीं ज्यादा भी हो सकती है।

वेबसाईट की इस स्टोरी को भाजपा समर्थक सोशल मीडिया यूर्जस ने खूब शेयर किया था, हालांकि बहुत से ट्विटर यूर्जस ने रिर्पोट के पीछे एक छिपा सरकारी प्रचार पाया। वहीं कई वरिष्ठ पत्रकारों ने इस जाली रिर्पोटिंग को देश की सुरक्षा और पत्रकारिता के लिए खतरनाक बताया

आप भी देखिए सोशल मीडिया रिेएक्शन




4 COMMENTS

  1. ऐसी खबरों की पुष्टि न तो सेना करेगी और न ही सरकार अगर इस खबर की पुष्टि सरकार या सेना कर देती है भारत की मुसीबत बढ़ सकती है |पाकिस्तान भारत पर घुस पैठ का आरोप लगा सकता है |

  2. आपने जितने भी ट्वीट दिखाये हैं सब के सब या तो मोदी विरोधी जमात के हैं या फिर पाकपरस्त और देशविरोधी। इन तथाकथित ‘वरिष्ठ पत्रकारों’ के झूठ और प्रायोजित खबरें आए दिन पकड़ी जाती हैं। आम आदमी भी इन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं देता।

  3. Ye jhoota aur Makkar hai Paise ke Liye neech se neech kaam karne ko taiyaar rahata hai.. abhi Modi Bhakti mai Magan hai Lage raho Dalaalo

LEAVE A REPLY